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Kullu News: चूल्हा-चौका के साथ प्राकृतिक खेती का जिम्मा भी संभाल रहीं महिलाएं

Sat, 08 Mar 2025 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 08 Mar 2025 10:46 PM IST
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Along with cooking, women are also handling the responsibility of natural farming
जिले में लगातार बढ़ रहा प्राकृतिक खेती का दायरा, महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ा
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6,367 महिलाओं ने रसायन मुक्त से किनारा कर थामा प्राकृतिक खेती का दाम
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले में महिलाएं चूल्हा-चौका संभालने के साथ खेतीबाड़ी में भी हाथ आजमा रही हैं। प्राकृतिक खेती में महिलाओं ने पुरुषों को पछाड़ा है। जिले की 6,367 महिलाओं ने रसायन मुक्त खेती से किनारा कर प्राकृतिक खेती को तरजीह दी है।
इससे कुल्लू में प्राकृतिक खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जिले में कृषि विभाग के आत्मा प्रोजेक्ट के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभागीय प्रयास जारी है। खड्ड स्तर किसानों को खेती का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसकी का परिणाम है कि जिले में पुरुषों की तुलना में महिलाएं भी प्राकृतिक खेती करने में रुचि दिखा रही हैं।
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बता दें कि जिले में वर्तमान समय में 12,092 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक है। कुल्लू में 6,367 महिलाओं ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 5,825 पुरुष प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। ऐसे में प्राकृतिक खेती करने में पुरुषों के मुकाबले 442 महिलाएं अधिक हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि महिलाएं गृहस्थी, परिवार का पालन-पोषण करने के अलावा खेतीबाड़ी में भी पीछे नहीं हैं। महिलाएं प्राकृतिक खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। आत्मा परियोजना की परियोजना निदेशक डॉ. रितु गुप्ता ने कहा कि जिले में किसान प्राकृतिक खेती में रुझान दिखा रहे हैं।
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25,000 किसानों को दिया प्रशिक्षण
आत्मा परियोजना के तहत 25,000 महिला और पुरुष किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। परियोजना के तहत विभिन्न विकास खंडों में 84 से अधिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीक के अलावा रसायन मुक्त उर्वरक और कीटनाशक घर-द्वार पर बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
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