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Kullu News: झूठी शान के लिए मार दिया अल्लादाद खां
Sat, 12 Aug 2023 11:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 12 Aug 2023 11:08 PM IST
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कुल्लू। हिमाचल नाट्य महोत्सव में शनिवार को कलाकारों ने वर्तमान शासन प्रणाली पर प्रहार किया। एक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन कुल्लू के कलाकारों ने हास्य नाटक एक था गधा उर्फ अल्लादाद खां का मंचन कर दर्शकों को लोट-पोट कर दिया। शरद जोशी के लिखित इस नाटक का निर्देशन रंगकर्मी केहर सिंह ठाकुर ने किया।
नाटक दिखाता है कि कैसे अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि, दिखावे और अपने आप को बड़ा एवं महान दिखाने के लिए व्यवस्था का इस्तेमाल कर आम जनता को बेवकूफ बनाया जाता है। कहानी एक नवाब से शुरू होती है, जो अपने आप को लोकप्रिय रखने के लिए किसी भी हद तक गुजरने को तैयार रहता है।
नवाब को पता चलता है कि एक गरीब अल्लादाद खां की मौत हो गई है, तो वह अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए घोषणा करता है कि वह भी उस गरीब के जनाजे में शामिल होकर कंधा देगा। तंत्र का इस्तेमाल करके वह इसे ज्वलंत खबर बना देता है। यह भी तय किया जाता है कि अल्लादाद का जनाजा राजमहल से निकाला जाएगा।
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अब जब अल्लादाद की लाश की बात चली, तो पता चला कि कोई आदमी अल्लादाद नहीं है। अल्लादाद एक धोबी के गधे का नाम था जो मरा है। सारे सिस्टम में हड़कंप मच जाता है। अंदर खाते ही एक शरीफ अल्लादाद खां नाम के आदमी को पकड़ कर लाया जाता है और अपनी नाक बचाने के लिए उसे मारकर जनाजा निकाला जाता है। नाटक में केहर सिंह ठाकुर, आरती ठाकुर, रेवत राम विक्की, वेद प्रकाश, कल्पना गौतम, सूरज, श्याम लाल, जीवानंद, पूजा, भूषण देव और परमानंद ने अपने अभिनय से दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। संवाद
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नाटक दिखाता है कि कैसे अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि, दिखावे और अपने आप को बड़ा एवं महान दिखाने के लिए व्यवस्था का इस्तेमाल कर आम जनता को बेवकूफ बनाया जाता है। कहानी एक नवाब से शुरू होती है, जो अपने आप को लोकप्रिय रखने के लिए किसी भी हद तक गुजरने को तैयार रहता है।
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नवाब को पता चलता है कि एक गरीब अल्लादाद खां की मौत हो गई है, तो वह अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए घोषणा करता है कि वह भी उस गरीब के जनाजे में शामिल होकर कंधा देगा। तंत्र का इस्तेमाल करके वह इसे ज्वलंत खबर बना देता है। यह भी तय किया जाता है कि अल्लादाद का जनाजा राजमहल से निकाला जाएगा।
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अब जब अल्लादाद की लाश की बात चली, तो पता चला कि कोई आदमी अल्लादाद नहीं है। अल्लादाद एक धोबी के गधे का नाम था जो मरा है। सारे सिस्टम में हड़कंप मच जाता है। अंदर खाते ही एक शरीफ अल्लादाद खां नाम के आदमी को पकड़ कर लाया जाता है और अपनी नाक बचाने के लिए उसे मारकर जनाजा निकाला जाता है। नाटक में केहर सिंह ठाकुर, आरती ठाकुर, रेवत राम विक्की, वेद प्रकाश, कल्पना गौतम, सूरज, श्याम लाल, जीवानंद, पूजा, भूषण देव और परमानंद ने अपने अभिनय से दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। संवाद