{"_id":"b01d3ddd20043eb14e38beae77bed8d9","slug":"agitation-against-fourlane-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भू अधिग्रहण कानून की अनदेखी पर प्रदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भू अधिग्रहण कानून की अनदेखी पर प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Mon, 23 Nov 2015 05:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोरलेन के लिए भू-अधिग्रहण प्रक्रिया में 2013 के भू अधिग्रहण कानून की अनदेखी पर फोरलेन संघर्ष समिति ने कुल्लू में सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। इस अवसर पर समिति ने पहले जनसभा की और उसके बाद कुल्लू में विशाल रैली निकाली गई। रैली में नागचला से लेकर मनाली तक के किसानों ने भाग लिया। रैली के बाद उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा गया। समिति के पदाधिकारियों का कहना था कि 2013 के भू-अधिग्रहण कानून के उल्लंघन से जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
विज्ञापन
प्रभावितों का कहना है कि नागचला से मनाली तक फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। नए भू-अधिग्रहण कानून 2013 के तहत नेशनल हाइवे अथॉरिटी को निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक प्रभावितों को उचित मुआवजा, पारदर्शिता तथा पुनर्वास के संवैधानिक प्रावधानों का पालन करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके अलावा पुनर्वास के प्रावधानों की व्यवस्था-3 एक की प्रारंभिक नोटिफिकेशन के साथ ही अलग नोटिफिकेशन जारी होनी थी, जो नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
ऐसे पुनर्वास और पुनर्स्थापना के संवैधानिक प्रावधानों की सरेआम अवहेलना की गई है। इससे जनता के अधिकारों का सीधा हनन हुआ है। समिति ने मांग की है कि नए नियमों के मुताबिक कलेक्टर की ओर से जमीन की मार्केट वैल्यू तय कर नए कानून के तहत चार गुना मुआवजा देने की मांग की गई।
विज्ञापन
इस अवसर पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर (रिटायर्ड), महा सचिव ब्रजेश महंत, कोषाध्यक्ष मंगत राम शर्मा, कुल्लू खंड के अध्यक्ष विनोद महंत, मनाली खंड के अध्यक्ष अधिवक्ता मोहिंद्र ठाकुर, सनोर खंड के अध्यक्ष ज्योति ठाकुर, महिला विंग अध्यक्ष सीमा कपूर सहित अन्य लोगों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।