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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   After one and a half month, 16,500 feet high Shinkula pass is restored for vehicles

Kullu News: डेढ़ माह बाद 16,500 फीट ऊंचा शिंकुला दर्रा वाहनों के लिए बहाल

Wed, 09 Apr 2025 05:08 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 09 Apr 2025 05:08 AM IST
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After one and a half month, 16,500 feet high Shinkula pass is restored for vehicles
​शिंकुला दर्रा खुलने के बाद बीआरओ के जवान। -स्रोत : बीआरओ।
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। समुद्रतल से 16,558 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा मंगलवार को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की योजक परियोजना के मुख्य अभियंता राजेश राय ने हरी झंडी दिखाकर टैंपो ट्रैवलर सहित 60 से अधिक वाहनों को दर्रे के दोनों ओर से रवाना किया।
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पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दर्रा तीन दिन की देरी से खोला गया है। इसके साथ ही लाहौल से लेह-लद्दाख की ओर जाने वाला दारचा-पदुम-नीमू-लेह मार्ग भी पुनः बहाल हो गया है। डेढ़ माह बाद लेह-लद्दाख का जांस्कर घाटी लाहौल व मनाली से जुड़ गया है। अब पर्यटक कुल्लू-मनाली और लाहौल होकर शिंकुला दर्रे के रास्ते जांस्कर घाटी होते हुए लेह तक की यात्रा कर सकेंगे।
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बीआरओ अधिकारियों ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण शिंकुला दर्रा डेढ़ माह पहले बंद हो गया था। इसे फिर से चालू करने के लिए 30 फीट तक ऊंचे हिमखंडों को हटाना पड़ा। दर्रा खुलने से जांस्कर घाटी के लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो अब लाहौल और कुल्लू के मनाली क्षेत्र से सीधे जुड़ सकेंगे।
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वन-वे रहेगा ट्रैफिक, पुलिस संभालेगी संचालन
योजक परियोजना अधिकारियों ने कहा कि इस मार्ग के खुलने से न केवल स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। केलांग और जिस्पा जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। लाहौल-स्पीति पुलिस ने फिलहाल इस मार्ग पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। वाहनों की आवाजाही का संचालन जिला पुलिस द्वारा किया जाएगा। दर्रा खुलने के मौके पर बीआरओ के ओसी मेजर उत्कर्ष शुक्ला सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।


लाहौल की तरफ से सुबह की लग गई थी वाहनों का कतार

केलांग (लाहौल-स्पीति)। शिंकुला दर्रा खुलने की खबर मिलते ही लाहौल की ओर से बड़ी संख्या में वाहन मंगलवा ही दर्रे की ओर रवाना हो गए। लेकिन भारी बर्फ और संकरी सड़क के कारण वाहनों की कतारें लग गईं। कुछ स्थानों पर सड़क पर फिसलन और जगह-जगह बर्फ जमा होने के कारण वाहन चालकों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने सीमा सड़क संगठन का आभार जताया, जिन्होंने विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दर्रे को बहाल करने का कठिन कार्य समय पर पूरा किया। पर्यटन कारोबारियों ने कहा कि दर्रा खुलने से न केवल जांस्कर घाटी से लाहौल और मनाली की कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी गति मिलेगी।

शिंकुला दर्रा खुलने के बाद बीआरओ के जवान। -स्रोत : बीआरओ।

शिंकुला दर्रा खुलने के बाद बीआरओ के जवान। -स्रोत : बीआरओ।

शिंकुला दर्रा खुलने के बाद बीआरओ के जवान। -स्रोत : बीआरओ।

शिंकुला दर्रा खुलने के बाद बीआरओ के जवान। -स्रोत : बीआरओ।

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