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साहसिक गतिविधियां बंद : 25 हजार परिवार बेरोजगार

Tue, 29 Mar 2022 10:03 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 10:03 PM IST
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Adventure activities closed: 25 thousand families unemployed
संवाद न्यूज एजेंसी
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मनाली (कुल्लूूू)। पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, रिवर क्रांसिंग जैसी गतिविधियां बंद होने के कारण कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटक मायूस होकर लौट रहे हैं।
मैदानी इलाकों से विशेष तौर पर साहसिक खेलों का रोमांच लेने का प्रोग्राम बनाने वाले पर्यटक स्वयं का ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इस कारोबार से जुडे़ 25000 से अधिक परिवार बेरोजगार हो गए हैं। लगभग दो महीने से साहसिक खेलों से जुड़े पर्यटन व्यवसायी एक रुपया भी नहीं कमा पाए। परिणामस्वरूप बैंक से उठाए कर्ज की ईएमआई चुकानी मुश्किल हो गई है। हालात यही रहे तो मनाली का पर्यटन सीजन भी इससे प्रभावित हो सकता है।

गौरतलब है कि करीब दो माह से साहसिक खेलें बंद हैं। रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर से गुलजार रहने वाली सोलंगनाला की वादियां सुनसान हो गई हैं। यही हाल रायसन की साइट का भी है। बबेली, बाशिंग और पिरड़ी की रिवर राफ्टिंग साइटों में सभी राफ्टें ब्यास नदी के तट पर महीनों से धूल फांक रही हैं। पर्यटकों से गुलजार रहने वाले ये इलाके सुनसान हो गए हैं। जिले में राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर क्रांसिंग, जिप लाइनिंग समेत अन्य कई साहसिक खेलें संचालित हो रही हैं। इन खेलों के सहारे जिले के हजारों परिवारों की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजी चलती है। साहसिक खेल गतिविधियां बंद होने से इस कारोबार से जुड़े लोगों को अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। विभिन्न साहसिक खेलों से जुड़े लोगों की मानें तो उन्होंने अपनी सभी औपचारिकताएं पूरी की हैं। साहसिक खेलों में नियमों को लेकर जिला स्तरीय कमेटी ने निरीक्षण भी कर लिए हैं। अब प्रशासन की ओर से इस मामले में लेटलतीफी हो रही है। इससे साहसिक खेलों से जुड़े कारोबारी बेरोजगार हो गए हैं। मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र पाल का कहना है कि साहसिक खेलें बंद होने से जहां पर्यटक मायूस होकर लौट रहे, वहीं स्थानीय लोग बेरोजगार हो गए हैं। दो महीने से उन्होंने कोई कार्य नहीं किया। परिवार पर भारी आर्थिक संकट आ गया है। चेयरमैन भगत राम ने कहा कि दो वर्ष तक कोरोना काल के कारण उनका कारोबार चौपट रहा। अब खेलों पर रोक लगने से इस कारोबार से जुड़े लोगों पर भारी आर्थिक संकट आ गया है। इससे उनके परिवार का गुजारा होता है। साहसिक खेलों पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
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