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फागली में प्राचीन मुखौटों की दिखेगी झलक
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। प्रदेशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में देवता को समर्पित फागली उत्सव मनाए जाते हैं। लेकिन कुल्लू जिले के पल्दी फागली उत्सव की अपनी एक अलग ही बात है। यहां के फागली उत्सव में महिलाओं के समक्ष ही अश्लील जुमले कसे जाते हैं, जिनका महिलाएं बूरा नहीं मानती हैं। इसे देव परंपरा के अनुसार शुभ माना गया है। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है, जिसका हारियान निर्वहन कर रहे हैं।
यह पल्दी फागली उत्सव यहां के आराध्य देवता करथा नाग को समर्पित हैं, जो वीरवार से शुरू होगा और तीन तक धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उत्सव में मंडी-कुल्लू समेत अन्य जिलों से हजारों लोग पहुंचते हैं। इस फागली उत्सव की खास बात है कि इसमें प्राचीन मुखौटों को पहनकर हारियान नृत्य करते हैं। यह मुखौटे देवता के ही हाते हैं, जिन्हें हारियान पहनते हैं। हारियान पारंपरिक वेशभूषा में भी नजर आते हैं। इसके अलावा हारियान जलती लकड़ी को हाथों में लेकर एक-दूूसरे पर भी आग फेंकते हैं। इसमें किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं होता है।
उत्सव में यह रहता है खास
-दहकते अंगारों पर नाचते हैं गूर
-सालभर की भविष्यवाणी
-120 फीट जलाई जाती है मशाल्र।
-प्राचीन मुखौटे और वेशभूषा आएगी नजर
-आग का कूंड जला एक दूसरे पर फेंकी जाएगी आग
देव खोडू महादेव नए देवरथ में विराजमान
थाटीबीड पंचायत स्थित शिवपुरी घमीर के आराध्य देवता खोडू महादेव अपने नए देवरथ में विराजमान हो गए हैं। देवता की बुधवार को प्रतिष्ठा हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। यहां पर सबसे पहले देवता के देवरथ की साजो-सजावट थाटीबीड स्थित अस्थायी देवालय में की। इसके बाद देव रथ की भव्य शोभा यात्रा शिवपुरी घमीर देवालय पहुंची, जहां महिलाओं ने परंपरागत वेेशभूषा के साथ नए देव रथ का स्वागत किया। इस दौरान ग्राम पंचायत थाटीबीड, गोपालपुर सहित आसपास की एक दर्जन भर पंचायतों के श्रद्धालुओं ने देवता से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर देवी-देवता कारदार संघ जिला कुल्लू के महासचिव टीसी महंत, खोडू महादेव के कारदार मोहन सिंह, आयोजन कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
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बंजार (कुल्लू)। प्रदेशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में देवता को समर्पित फागली उत्सव मनाए जाते हैं। लेकिन कुल्लू जिले के पल्दी फागली उत्सव की अपनी एक अलग ही बात है। यहां के फागली उत्सव में महिलाओं के समक्ष ही अश्लील जुमले कसे जाते हैं, जिनका महिलाएं बूरा नहीं मानती हैं। इसे देव परंपरा के अनुसार शुभ माना गया है। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है, जिसका हारियान निर्वहन कर रहे हैं।
यह पल्दी फागली उत्सव यहां के आराध्य देवता करथा नाग को समर्पित हैं, जो वीरवार से शुरू होगा और तीन तक धूमधाम से मनाया जाएगा। इस उत्सव में मंडी-कुल्लू समेत अन्य जिलों से हजारों लोग पहुंचते हैं। इस फागली उत्सव की खास बात है कि इसमें प्राचीन मुखौटों को पहनकर हारियान नृत्य करते हैं। यह मुखौटे देवता के ही हाते हैं, जिन्हें हारियान पहनते हैं। हारियान पारंपरिक वेशभूषा में भी नजर आते हैं। इसके अलावा हारियान जलती लकड़ी को हाथों में लेकर एक-दूूसरे पर भी आग फेंकते हैं। इसमें किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं होता है।
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उत्सव में यह रहता है खास
-दहकते अंगारों पर नाचते हैं गूर
-सालभर की भविष्यवाणी
-120 फीट जलाई जाती है मशाल्र।
-प्राचीन मुखौटे और वेशभूषा आएगी नजर
-आग का कूंड जला एक दूसरे पर फेंकी जाएगी आग
देव खोडू महादेव नए देवरथ में विराजमान
थाटीबीड पंचायत स्थित शिवपुरी घमीर के आराध्य देवता खोडू महादेव अपने नए देवरथ में विराजमान हो गए हैं। देवता की बुधवार को प्रतिष्ठा हुई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। यहां पर सबसे पहले देवता के देवरथ की साजो-सजावट थाटीबीड स्थित अस्थायी देवालय में की। इसके बाद देव रथ की भव्य शोभा यात्रा शिवपुरी घमीर देवालय पहुंची, जहां महिलाओं ने परंपरागत वेेशभूषा के साथ नए देव रथ का स्वागत किया। इस दौरान ग्राम पंचायत थाटीबीड, गोपालपुर सहित आसपास की एक दर्जन भर पंचायतों के श्रद्धालुओं ने देवता से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर देवी-देवता कारदार संघ जिला कुल्लू के महासचिव टीसी महंत, खोडू महादेव के कारदार मोहन सिंह, आयोजन कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
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