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बिजली महादेव रोप-वे फाइलों में दफन
Kullu
Updated Thu, 30 Oct 2014 05:32 AM IST
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खराहल (कुल्लू)। ऐतिहासिक बिजली महादेव स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। सैलानियों को बिजली महादेव तक पहुंचने के लिए प्रस्तावित रोप-वे फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया है। यहां न तो पर्यटन निगम का होटल है और न ही कोई रेस्तरां। इतना ही नहीं, रोप-वे के अभाव में सैलानियों को सीधी चढ़ाई चढ़ने में परेशानी होती है। रोप-वे की सुविधा मुहैया होने से हजारों लोगों को फायदा होगा। सूबे में इस बार छह रोप-वे के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल जारी हो गए हैं। ये रोप-वे धर्मशाला से दलाईलामा टेंपल, धर्मकोट से त्रियुंड, हिमानी से चामुंडा, टोबा से नैना देवी, शाहतलाई से दियोटसिद्ध और शिमला के बाईपास से रोप वे बनाए जाने हैं। लेकिन, इनमें कुल्लू का बिजली महादेव रोप-वे शुुमार नहीं है। ऐसे में कुल्लू के पर्यटन कारोबारियों में सरकार के प्रति खासा आक्रोष है। खराहल घाटी के पूर्व प्रधान चुन्नी लाल शर्मा कहते हैं कि बिजली महादेव को यदि पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए तो सरकार का खजाना भी बढ़ेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। कुल्लू ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम शर्मा ने बताया कि इसके बारे में जल्द मुख्यमंत्री से मिलेंगे और रोप-वे बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर अथक प्रयास किए जाएंगे। राज्य पर्यटन विभाग के निदेशक मोहन चौहान ने बताया कि इन छह प्रोजेक्टों के लिए डाक और बाई हैंड दस नवंबर तक टेंडर बुलाए हैं, लेकिन कुल्लू के प्रस्तावित बिजली महादेव रोप-वे इसमें शामिल नहीं है।
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