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ईको टूरिज्म के नाम पर लाखों का गोलमाल
Kullu
Updated Fri, 17 Oct 2014 05:32 AM IST
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पतलीकूहल (कुल्लू)। धरोहर गांव नग्गर में ईको टूरिज्म विकसित करने के नाम पर करीब साठ लाख रुपये के गोलमाल का मामला सामने आया है। वर्ष 2005 में ऊना की एक संस्था को नग्गर में ईको टूरिज्म विकसित करने का काम सौंपा गया था। यह कार्य डीआरडीए की ओर से आवंटित किया गया था। इसके लिए करीब साठ लाख रुपये की राशि का बजट रखा गया था। संस्था ने दिखावे के लिए छिटपुट काम कर करीब चालीस लाख रुपये डीआरडीए से एेंठ लिए। शेष बीस लाख रुपये के लिए अब संस्था ने डीआरडीए से संपर्क साधा, लेकिन संस्था के खिलाफ कई तरह की शिकायतें आने के बाद डीआरडीए ने वस्तुस्थिति का जायजा लिया। संस्था के क्रिया-कलापों पर संदेह होने के चलते बीडीओ नग्गर को इस संस्था का सोशल ऑडिट कराने का जिम्मा सौंपा गया। सोशल ऑडिट का नाम सुनते ही संस्था के हाथ-पांव फूलने लगे। बीडीओ नग्गर जीसी बैंस ने बताया कि उन्होंने तीन बार संस्था को ऑडिट के लिए दस्तावेज सहित हाजिर होने को कहा, लेकिन तीनों ही बार वह ईको टूरिज्म के नाम पर किए गए आय-व्यय का कोई लिखित ब्योरा पेश नहीं कर पाए। बीडीओ का कहना है कि उन्होंने डीआरडीए को रिपोर्ट भेजी है कि संस्था के गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते उसके बचे हुए बीस लाख रुपये को सरकार के खजाने में वापस भेज दिया जाए। लेकिन, सवाल यह है कि जिस राशि को उक्त संस्था हजम कर गई, उसकी वसूली कौन करेगा। क्या संस्था के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज होगा या फिर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी? इस बारे में कोई भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है।
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