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बेसहारा बच्चों को मिल गया अपना घर
Kullu
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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मनाली। राधा संस्था में पल रहे तीस से अधिक बच्चों को अपना घर मिल गया है। बच्चों को मनाली घाटी के दानी सज्जन माधो महंत की मदद से गजां बिहाल में स्थाई घर मुहैया करवाया गया है। बच्चों को मिलने वाली हर मदद संचालिका सुदर्शना का हौसला बढ़ा रही है।
सुदर्शना का कहना है कि उन्हें खुशी है कि घाटी के लोग अब दिल से बच्चों की मदद करने लगे हैं। बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में उनकी मदद कर रहे हैं। सुदर्शना ने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए उनके बच्चों ने दीवाली में पटाखे नहीं चलाए। आसपास के लोगों को भी ऐसा न करने को प्रेरित किया। उनके अनुसार दीवाली के उपलक्ष्य में डीएवी स्कूल मनाली की प्रधानाचार्य आर गुरंग ने बच्चों को 40 कंबल, दो तंदूर और राशन भेंट किया। क्लब महेंद्रा ने भी बच्चों को गर्म कपड़े प्रदान किए। बीआरओ कमांडर कर्नल योगेश नायर और उनके परिवार ने भी बच्चों की मदद की है।
उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे घाटी के लोग संस्था में पल रहे बच्चों की मदद को आगे आने लगे हैं। सुदर्शना ने बताया कि दानी सज्जन माधो महंत के सहयोग से बच्चों को स्थाई बसेरा मिल गया है। उन्होंने समय-समय पर बच्चों की मदद करने के लिए घाटी के समस्त लोगों का आभार जताया।
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सुदर्शना का कहना है कि उन्हें खुशी है कि घाटी के लोग अब दिल से बच्चों की मदद करने लगे हैं। बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में उनकी मदद कर रहे हैं। सुदर्शना ने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए उनके बच्चों ने दीवाली में पटाखे नहीं चलाए। आसपास के लोगों को भी ऐसा न करने को प्रेरित किया। उनके अनुसार दीवाली के उपलक्ष्य में डीएवी स्कूल मनाली की प्रधानाचार्य आर गुरंग ने बच्चों को 40 कंबल, दो तंदूर और राशन भेंट किया। क्लब महेंद्रा ने भी बच्चों को गर्म कपड़े प्रदान किए। बीआरओ कमांडर कर्नल योगेश नायर और उनके परिवार ने भी बच्चों की मदद की है।
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उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे घाटी के लोग संस्था में पल रहे बच्चों की मदद को आगे आने लगे हैं। सुदर्शना ने बताया कि दानी सज्जन माधो महंत के सहयोग से बच्चों को स्थाई बसेरा मिल गया है। उन्होंने समय-समय पर बच्चों की मदद करने के लिए घाटी के समस्त लोगों का आभार जताया।
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