{"_id":"5ca2120fbdec2214262c5fcc","slug":"91554125327-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन सीजन में जाम विकराल समस्या, पार्किंग के लिए मारामारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन सीजन में जाम विकराल समस्या, पार्किंग के लिए मारामारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली में ट्रैफिक का मुद्दा हर चुनावों में उठता आया है। लेकिन किसी भी राजनीतिक दल या नेता ने इसका अभी तक समाधान नहीं किया है। सरकारें आती हैं और चलीं जाती हैं। पार्किंग का मुद्दा वह बाद में भूल जाती हैं। पार्किंग के नाम पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। कोई भी इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। इस बार लोकसभा चुनाव में भी यह मुद्दा जोरशोर से उठेगा। प्रत्याशियों से इस पर जवाब भी मांगा जाएगा। मनाली में पर्यटन सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में पार्किंग की सुविधा नहीं होने से वाहनों को खड़ा करनी की चिंता बढ़ जाती है। यह मनाली की सबसे बड़ी समस्या है। तीन माह तक चलने वाले पर्यटन सीजन में रोजाना दो हजार से अधिक वाहन मनाली पहुंचते हैं। मनाली में 2600 टैक्सियां, 200 ऑटो समेत रोजाना सैकड़ों गाड़ियां आवाजाही करती हैं। लेकिन पार्किंग की सुविधा मात्र एक हजार वाहनों के लिए मुश्किल से है। ऐेसे में रोज करीब पांच हजार वाहनों को खड़ा करना एक बड़ी समस्या है।
पर्यटन सीजन आते ही मनाली में वाहनों को खड़ा करना एक चुनौती बन जाता है। मनाली पिछले करीब तीन दशकों से देश-विदेश के सैलानियों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। अब पर्यटन सीजन के दौरान मनाली में करीब 25 हजार से अधिक सैलानी सैर सपाटे को पहुंचते हैं। कई बार तो स्थिति ऐसी हो जाती है कि होटलों में कमरे न मिलने पर पर्यटक गाड़ियों में ही रात गुजारने को मजबूर हो जाते हैं। वाहन पार्किंग की मारामारी के कारण यहां सुबह से लेकर रात तक जाम लग जाता है। लेकिन इस साल तो हालत और भी खराब होने वाले है। एक और कुल्लू-मनाली फोरलेन का निर्माण युद्घस्तर पर चला है तो दूसरी तरफ सितंबर 2018 में ब्यास में आई बाढ़ से जगह-जगह पर सड़कों की हालत खस्ता है। मनाली में करीब एक हजार वाहनों की पार्किंग है। मनाली समेत ढुंगरी, मनाली गांव, सिमसा, बाहंग, अलेउ, वशिष्ठ, कुलंग, पलचान, कोठी, शुरू, प्रीणी, जगतसुख सहित राइट बैंक और वामतट में घंटों तक जाम लगा रहता है।
खाली सरकारी जमीन पर बनाएं पार्किंग
मनाली विधानसभा कांग्रेस के अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि सरकार को पार्किंग की समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। ग्रीन टैक्स की राशि से मनाली और साथ लगते गांवों में खाली सरकारी जमीन पर पार्किंग बनाएं, जिससे स्थानीय लोगों और सैलानियों को भी सुविधा मिले।
विज्ञापन
समस्या से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार
वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मनाली में पर्यटन सीजन के दौरान पार्किंग की समस्या विकराल रूप धारण करती है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार हो चुका है तथा रांगडी से लेकर मनाली तक 2500 वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।
लोगों के कोट
सड़क पर पार्किंग मजबूरी
मनाली के छियाल निवासी मेहर चंद ठाकुर ने कहा कि पार्किंग न होने के कारण स्थानीय निवासी और सैलानी अपने वाहनों को सड़कों में ही खड़ा करने को मजबूर हैं। इस स्थिति में आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गंभीरता से नहीं लिया
मनाली निवासी रमेश रावल ने कहा कि पिछले तीन दशकों से प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें रही हैं। लेकिन किसी ने भी गंभीरता से कार्य नहीं किया। मनाली पर्यटन सीजन के दौरान पूरी तरह जाम हो जाता है तथा कई किमी तक परेशानी होती है।
मल्टी स्टोरी पार्किंग बने
मनाली निवासी छेरिंग थॉमस ने कहा कि मनाली ब्यास पुल के साथ पर्यटन निगम के होटल का एनएचआईए ने अधिग्रहण किया गया है। सरकार को चाहिए था कि इस जगह पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण करे, जिससे लोगों को सुविधा मिल सकती थी।
चुनाव में उठेगा मामला
अलेउ निवासी सोहन ठाकुर ने बताया कि मनाली में हर जगह होटल, होम स्टे और रेस्तरां का निर्माण किया गया है। लेकिन 90 प्रतिशत इन प्रतिष्ठानों के पास वाहन खड़ा करने का स्थान नहीं है। लोकसभा चुनाव में यह मामला जोरशोर से उठाया जाएगा।
पर्यटन सीजन आते ही मनाली में वाहनों को खड़ा करना एक चुनौती बन जाता है। मनाली पिछले करीब तीन दशकों से देश-विदेश के सैलानियों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। अब पर्यटन सीजन के दौरान मनाली में करीब 25 हजार से अधिक सैलानी सैर सपाटे को पहुंचते हैं। कई बार तो स्थिति ऐसी हो जाती है कि होटलों में कमरे न मिलने पर पर्यटक गाड़ियों में ही रात गुजारने को मजबूर हो जाते हैं। वाहन पार्किंग की मारामारी के कारण यहां सुबह से लेकर रात तक जाम लग जाता है। लेकिन इस साल तो हालत और भी खराब होने वाले है। एक और कुल्लू-मनाली फोरलेन का निर्माण युद्घस्तर पर चला है तो दूसरी तरफ सितंबर 2018 में ब्यास में आई बाढ़ से जगह-जगह पर सड़कों की हालत खस्ता है। मनाली में करीब एक हजार वाहनों की पार्किंग है। मनाली समेत ढुंगरी, मनाली गांव, सिमसा, बाहंग, अलेउ, वशिष्ठ, कुलंग, पलचान, कोठी, शुरू, प्रीणी, जगतसुख सहित राइट बैंक और वामतट में घंटों तक जाम लगा रहता है।
विज्ञापन
खाली सरकारी जमीन पर बनाएं पार्किंग
मनाली विधानसभा कांग्रेस के अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि सरकार को पार्किंग की समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। ग्रीन टैक्स की राशि से मनाली और साथ लगते गांवों में खाली सरकारी जमीन पर पार्किंग बनाएं, जिससे स्थानीय लोगों और सैलानियों को भी सुविधा मिले।
विज्ञापन
समस्या से निपटने के लिए मास्टर प्लान तैयार
वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मनाली में पर्यटन सीजन के दौरान पार्किंग की समस्या विकराल रूप धारण करती है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार हो चुका है तथा रांगडी से लेकर मनाली तक 2500 वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।
लोगों के कोट
सड़क पर पार्किंग मजबूरी
मनाली के छियाल निवासी मेहर चंद ठाकुर ने कहा कि पार्किंग न होने के कारण स्थानीय निवासी और सैलानी अपने वाहनों को सड़कों में ही खड़ा करने को मजबूर हैं। इस स्थिति में आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गंभीरता से नहीं लिया
मनाली निवासी रमेश रावल ने कहा कि पिछले तीन दशकों से प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें रही हैं। लेकिन किसी ने भी गंभीरता से कार्य नहीं किया। मनाली पर्यटन सीजन के दौरान पूरी तरह जाम हो जाता है तथा कई किमी तक परेशानी होती है।
मल्टी स्टोरी पार्किंग बने
मनाली निवासी छेरिंग थॉमस ने कहा कि मनाली ब्यास पुल के साथ पर्यटन निगम के होटल का एनएचआईए ने अधिग्रहण किया गया है। सरकार को चाहिए था कि इस जगह पर मल्टी स्टोरी पार्किंग का निर्माण करे, जिससे लोगों को सुविधा मिल सकती थी।
चुनाव में उठेगा मामला
अलेउ निवासी सोहन ठाकुर ने बताया कि मनाली में हर जगह होटल, होम स्टे और रेस्तरां का निर्माण किया गया है। लेकिन 90 प्रतिशत इन प्रतिष्ठानों के पास वाहन खड़ा करने का स्थान नहीं है। लोकसभा चुनाव में यह मामला जोरशोर से उठाया जाएगा।