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डीसी युनूस को मिला राष्ट्रीय ई गवर्नेंस अवार्ड
Updated Tue, 27 Feb 2018 10:08 PM IST
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कुल्लू। केंद्र सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर प्रयोग और आईसीटी यानी इनफॉरमेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से जिला स्तर पर नई पहल करने के लिए उपायुक्त कुल्लू युनूस को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड से सम्मानित किया है।
26-27 फरवरी को हैदराबाद में आयोजित 21वीं नेशनल ई-गवर्नेंस कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह पुरस्कार दिया। उपायुक्त यूनुस के साथ पूर्व उपायुक्त राकेश कंवर, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी बृजेंद्र डोगरा और सहायक अधिकारी राजीव ठाकुर ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। युनूस ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग के लिए पर्यटकों की गाड़ियों की परमिट प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और उसमें सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर प्रयोग के लिए जिला प्रशासन को यह अवार्ड मिला है। 25 सितंबर 2015 को इस परमिट की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया। इससे देश-विदेश के पर्यटकों व वाहन चालकों को काफी सुविधा हुई और परमिट की प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आई। इसके बाद मनाली में ग्रीन टैक्स बैरियर के लिए भी ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई। अभी तक ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से लगभग चार लाख आवेदन हमले हैं, जिनमें से विभिन्न वाहनों को ऑनलाइन दो लाख बीस हजार परमिट जारी किए गए हैं। रोहतांग परमिट फीस एवं ग्रीन टैक्स के रूप में लगभग नौ करोड़ चालीस लाख रुपये की धनराशि वसूली जा चुकी है।
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कुल्लू को पांच माह में मिले पांच अवार्ड
आईएएस अधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस को पांच माह में पांच अवार्ड मिले हैं। दो अक्तूबर को नई दिल्ली में उन्हें स्वच्छता दर्पण अवार्ड से नवाजा गया है। इसके बाद उन्हें जिला में बेहतर विकासात्मक कार्य के लिए भारत ज्योति अवार्ड, जनवरी में विज्ञान भवन दिल्ली में रोहतांग पास के लिए ऑनलाइन परमिट सिस्टम लागू करने और गो कुल्लू डॉट कॉम वेबसाइट लांच पर अब्दुल कलाम इनोवेशन इन गवर्नेंस अवार्ड, तीन पहले पहले लोक सेवा (पब्लिक सर्विस) के क्षेत्र में सराहनीय काम करने के लिए ऊना में राष्ट्रीय एकता अवार्ड से नवाजा गया है।
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26-27 फरवरी को हैदराबाद में आयोजित 21वीं नेशनल ई-गवर्नेंस कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह पुरस्कार दिया। उपायुक्त यूनुस के साथ पूर्व उपायुक्त राकेश कंवर, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी बृजेंद्र डोगरा और सहायक अधिकारी राजीव ठाकुर ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। युनूस ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग के लिए पर्यटकों की गाड़ियों की परमिट प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और उसमें सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर प्रयोग के लिए जिला प्रशासन को यह अवार्ड मिला है। 25 सितंबर 2015 को इस परमिट की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया। इससे देश-विदेश के पर्यटकों व वाहन चालकों को काफी सुविधा हुई और परमिट की प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आई। इसके बाद मनाली में ग्रीन टैक्स बैरियर के लिए भी ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई। अभी तक ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से लगभग चार लाख आवेदन हमले हैं, जिनमें से विभिन्न वाहनों को ऑनलाइन दो लाख बीस हजार परमिट जारी किए गए हैं। रोहतांग परमिट फीस एवं ग्रीन टैक्स के रूप में लगभग नौ करोड़ चालीस लाख रुपये की धनराशि वसूली जा चुकी है।
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कुल्लू को पांच माह में मिले पांच अवार्ड
आईएएस अधिकारी एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस को पांच माह में पांच अवार्ड मिले हैं। दो अक्तूबर को नई दिल्ली में उन्हें स्वच्छता दर्पण अवार्ड से नवाजा गया है। इसके बाद उन्हें जिला में बेहतर विकासात्मक कार्य के लिए भारत ज्योति अवार्ड, जनवरी में विज्ञान भवन दिल्ली में रोहतांग पास के लिए ऑनलाइन परमिट सिस्टम लागू करने और गो कुल्लू डॉट कॉम वेबसाइट लांच पर अब्दुल कलाम इनोवेशन इन गवर्नेंस अवार्ड, तीन पहले पहले लोक सेवा (पब्लिक सर्विस) के क्षेत्र में सराहनीय काम करने के लिए ऊना में राष्ट्रीय एकता अवार्ड से नवाजा गया है।
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