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पांच माह से एक डोजर ठीक नहीं सका मैकेनिकल विंग
Updated Sun, 14 Jan 2018 06:49 PM IST
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पांच माह से एक डोजर ठीक
नहीं सका मेकेनिकल विंग
कृषि मंत्री ने तलब की खराब डोजर की स्टेटस रिपोर्ट
लोनिवि चिनाब डिविजन उदयपुर के अधीन हैं 162 संपर्क मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल स्पीति)। लोनिवि चिनाब वैली का एक खराब डोजर पांच माह बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाया है। डोजर को ठीक करने के लिए कुल्लू स्थित शमशी में मेकेनिकल विंग में भेजा गया था। डोजर से लाहौल घाटी के 162 संपर्क मार्गों से बर्फ हटाने का काम किया जाता है। मार्च अप्रैल में विभाग घाटी के भीतर संपर्क मार्गों को बहाल करने का काम शुरू करेगा। ऐसे में डोजर उपलब्ध नहीं होने से आम जनता की दिक्कतें भी बढ़ जाएंगी। मामले को भाजयुमो लाहौल स्पीति के अध्यक्ष एवं जिप सदस्य तंजिन कारपा, भाजपा जिला सचिव संजीव कुमार ने कृषि मंत्री मारकंडा के समक्ष उठाया है।
शमशी के मेकेनिकल विंग में तत्कालीन सहायक अभियंता जीएल ठाकुर ने कहा कि खराब डोजर की जांच पड़ताल करने के बाद उन्होंने डोजर को ठीक करने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्पेयर पार्ट्स की पूरी डिटेल विभाग के अधिशासी अभियंता को सितंबर माह में ही भेजी गई थी लेकिन उसके बाद विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की गई इसकी जानकारी नहीं है।
इधर लोनिवि चिनाब वैली डिविजन के अधिशासी अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि मौजूदा तीन डोजरों में से अगर कोई एक भी काम के दौरान जवाब दे जाता है तो ऐसे में विभाग की दिक्कत बढ़ सकती हैं। घाटी में लगभग 162 संपर्क मार्ग हैं जो फिलहाल पूरी तरह बर्फ से ढके हुए हैं। मेकेनिकल विंग के धर्मशाला में तैनात अधीक्षण अभियंता अनिल शर्मा के अनुसार खराब डोजर को ठीक करने में काफी वक्त लग रहा है। वहीं कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा ने कहा कि विकास कार्यों में अधिकारियों की तरफ से किसी तरह की ढील को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डोजर के संदर्भ में मेकेनिकल विंग के उच्च अधिकारियों से पूरी डिटेल तलब की जाएगी।
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नहीं सका मेकेनिकल विंग
कृषि मंत्री ने तलब की खराब डोजर की स्टेटस रिपोर्ट
लोनिवि चिनाब डिविजन उदयपुर के अधीन हैं 162 संपर्क मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल स्पीति)। लोनिवि चिनाब वैली का एक खराब डोजर पांच माह बाद भी दुरुस्त नहीं हो पाया है। डोजर को ठीक करने के लिए कुल्लू स्थित शमशी में मेकेनिकल विंग में भेजा गया था। डोजर से लाहौल घाटी के 162 संपर्क मार्गों से बर्फ हटाने का काम किया जाता है। मार्च अप्रैल में विभाग घाटी के भीतर संपर्क मार्गों को बहाल करने का काम शुरू करेगा। ऐसे में डोजर उपलब्ध नहीं होने से आम जनता की दिक्कतें भी बढ़ जाएंगी। मामले को भाजयुमो लाहौल स्पीति के अध्यक्ष एवं जिप सदस्य तंजिन कारपा, भाजपा जिला सचिव संजीव कुमार ने कृषि मंत्री मारकंडा के समक्ष उठाया है।
शमशी के मेकेनिकल विंग में तत्कालीन सहायक अभियंता जीएल ठाकुर ने कहा कि खराब डोजर की जांच पड़ताल करने के बाद उन्होंने डोजर को ठीक करने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्पेयर पार्ट्स की पूरी डिटेल विभाग के अधिशासी अभियंता को सितंबर माह में ही भेजी गई थी लेकिन उसके बाद विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से क्या कार्रवाई की गई इसकी जानकारी नहीं है।
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इधर लोनिवि चिनाब वैली डिविजन के अधिशासी अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि मौजूदा तीन डोजरों में से अगर कोई एक भी काम के दौरान जवाब दे जाता है तो ऐसे में विभाग की दिक्कत बढ़ सकती हैं। घाटी में लगभग 162 संपर्क मार्ग हैं जो फिलहाल पूरी तरह बर्फ से ढके हुए हैं। मेकेनिकल विंग के धर्मशाला में तैनात अधीक्षण अभियंता अनिल शर्मा के अनुसार खराब डोजर को ठीक करने में काफी वक्त लग रहा है। वहीं कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा ने कहा कि विकास कार्यों में अधिकारियों की तरफ से किसी तरह की ढील को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डोजर के संदर्भ में मेकेनिकल विंग के उच्च अधिकारियों से पूरी डिटेल तलब की जाएगी।
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