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स्कूल शुरू, उड़ानें न होने से फंसे सैकड़ों विद्यार्थी
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अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कुल्लू के विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे लाहौल घाटी के सैकड़ों विद्यार्थी घाटी के विभिन्न हेलीपैडों में फंसे हैं। इसमें कई विद्यार्थियों की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। बच्चों के गैर हाजिर रहने पर स्कूल प्रबंधन ने कारण बताओ नोटिस जारी करने की ठान ली है।
अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है कि वे अपने बच्चे को कैसे घाटी से बाहर निकाले। सर्वाधिक बच्चे बारिंग व तांदी (डाइट) हेलीपैड के अंतर्गत बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों हेलीपैड में करीब 50 विद्यार्थी फंसे हुए हैं, जो काफी समय से हेलीकॉप्टर सेवा की राह ताक रहे हैं। इन बच्चों के लिए एक तरफ मौसम बाधा बन रहा है तो दूसरी तरफ मौसम साफ रहने पर हेलीकॉप्टर वीवीआईपी सेवा में व्यस्त है। घाटी के विभिन्न हेलीपैड के तहत 24 मरीज भी उड़ान न होने से लिफ्ट नहीं हो रहे हैं। प्रदेश सरकार के रवैय से नाराज लोगों ने इसका जवाब लोकसभा चुनावों में देने का फैसला कर दिया है। गौर हो कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवा नहीं दे पा रहा है। तांदी (डाइट) हेलीपैड के अंतर्गत राजेश कुमार और सुनील ने बताया कि उनके बच्चों की कुल्लू में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें फोन पर बच्चों को स्कूल भेजने को कहा नहीं तो स्कूल प्रबंधन की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। वारपा पंचायत के प्रधान सत प्रकाश, तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने कहा है कि हिमाचल सरकार हेलीकॉप्टर की नियमित उड़ानों को लेकर गंभीर नहीं है। सत प्रकाश ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने रावा हेलीपैड के लिए अब तक एक भी उड़ान नहीं करवाई है। क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। जिप सदस्य छिमेद लामो ने कहा है कि सरकार ने साबित कर दिया है कि वह जनजातीय क्षेत्रों के लिए कितना हितैषी है। लामो ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने सवा साल में एक बार भी केलांग व उदयपुर नहीं आए है।
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कुल्लू के विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे लाहौल घाटी के सैकड़ों विद्यार्थी घाटी के विभिन्न हेलीपैडों में फंसे हैं। इसमें कई विद्यार्थियों की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। बच्चों के गैर हाजिर रहने पर स्कूल प्रबंधन ने कारण बताओ नोटिस जारी करने की ठान ली है।
अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है कि वे अपने बच्चे को कैसे घाटी से बाहर निकाले। सर्वाधिक बच्चे बारिंग व तांदी (डाइट) हेलीपैड के अंतर्गत बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों हेलीपैड में करीब 50 विद्यार्थी फंसे हुए हैं, जो काफी समय से हेलीकॉप्टर सेवा की राह ताक रहे हैं। इन बच्चों के लिए एक तरफ मौसम बाधा बन रहा है तो दूसरी तरफ मौसम साफ रहने पर हेलीकॉप्टर वीवीआईपी सेवा में व्यस्त है। घाटी के विभिन्न हेलीपैड के तहत 24 मरीज भी उड़ान न होने से लिफ्ट नहीं हो रहे हैं। प्रदेश सरकार के रवैय से नाराज लोगों ने इसका जवाब लोकसभा चुनावों में देने का फैसला कर दिया है। गौर हो कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवा नहीं दे पा रहा है। तांदी (डाइट) हेलीपैड के अंतर्गत राजेश कुमार और सुनील ने बताया कि उनके बच्चों की कुल्लू में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें फोन पर बच्चों को स्कूल भेजने को कहा नहीं तो स्कूल प्रबंधन की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। वारपा पंचायत के प्रधान सत प्रकाश, तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने कहा है कि हिमाचल सरकार हेलीकॉप्टर की नियमित उड़ानों को लेकर गंभीर नहीं है। सत प्रकाश ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने रावा हेलीपैड के लिए अब तक एक भी उड़ान नहीं करवाई है। क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। जिप सदस्य छिमेद लामो ने कहा है कि सरकार ने साबित कर दिया है कि वह जनजातीय क्षेत्रों के लिए कितना हितैषी है। लामो ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने सवा साल में एक बार भी केलांग व उदयपुर नहीं आए है।
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