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कूड़े के ढेर में तबदील हो गई रघुनाथ की नगरी
Updated Tue, 18 Sep 2018 06:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कूड़े की डंपिंग के लिए उचित स्थान न मिलने से कुल्लू शहर का कूड़ा-कचरा चार दिनों से सड़क किनारे, चौक व चौराहों में पड़ा है। यहां से कुल्लू-मनाली के सैर सपाटे को पहुंच रहे पर्यटकों के साथ भुंतर से लेकर जिला मुख्यालय कुल्लू तक करीब 50 हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। कूड़े-कचरे के ढेर से तबदील रघुनाथ की नगरी में जगह-जगह कूड़ा पसरा है। प्रशासन के साथ नगर परिषद ने भी खड़े हाथ कर दिए है।
कुछ जगहों से डोर टू डोर योजना के तहत कूड़े को भी उठाया जा रहा है। लेकिन डंपिंग न होने से सफाई कर्मचारी भी कूड़े को अपने वाहनों में रख रहे हैं। ये वाहन चार दिनों से पशु मैदान में खड़े किए हैं। जिला के मुख्य पर्यटन स्थलों को जाने वाले सैलानी कुल्लू से होकर जाते हैं। हालांकि इन दिनों घाटी में पर्यटकों की चहलकदमी कम है। इसके बावजूद घाटी में जो भी पर्यटक पहुंच रहा, वह शहर की गंदगी देखकर हैरान है। इससे शहर के लोगों में बीमारी फैलने की आशंका है। शहरवासी राजेश सेठ, संजय शर्मा, टेक सिंह, भाग चंद, शेर सिंह, अनिल शर्मा व एडवोकेट विशाल ठाकुर का कहना है कि कुल्लू शहर में लगे कूड़े ढेर से घाटी के पर्यटन को अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले दशहरा के पर्यटन भी असर पड़ेगा। जिला मुख्यालय में गंदगी न उठने से शहर के पर्यटन कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है।
कूड़ा डंप न होने से पर्यटन पर पड़ेगा असर
होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि कुल्लू में कूड़ा-कचरे के डंपिंग न होने से न केवल पर्यटन पर फर्क पड़ेगा, बल्कि कुल्लू शहर के लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन को आगे आकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
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कुल्लू। कूड़े की डंपिंग के लिए उचित स्थान न मिलने से कुल्लू शहर का कूड़ा-कचरा चार दिनों से सड़क किनारे, चौक व चौराहों में पड़ा है। यहां से कुल्लू-मनाली के सैर सपाटे को पहुंच रहे पर्यटकों के साथ भुंतर से लेकर जिला मुख्यालय कुल्लू तक करीब 50 हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। कूड़े-कचरे के ढेर से तबदील रघुनाथ की नगरी में जगह-जगह कूड़ा पसरा है। प्रशासन के साथ नगर परिषद ने भी खड़े हाथ कर दिए है।
कुछ जगहों से डोर टू डोर योजना के तहत कूड़े को भी उठाया जा रहा है। लेकिन डंपिंग न होने से सफाई कर्मचारी भी कूड़े को अपने वाहनों में रख रहे हैं। ये वाहन चार दिनों से पशु मैदान में खड़े किए हैं। जिला के मुख्य पर्यटन स्थलों को जाने वाले सैलानी कुल्लू से होकर जाते हैं। हालांकि इन दिनों घाटी में पर्यटकों की चहलकदमी कम है। इसके बावजूद घाटी में जो भी पर्यटक पहुंच रहा, वह शहर की गंदगी देखकर हैरान है। इससे शहर के लोगों में बीमारी फैलने की आशंका है। शहरवासी राजेश सेठ, संजय शर्मा, टेक सिंह, भाग चंद, शेर सिंह, अनिल शर्मा व एडवोकेट विशाल ठाकुर का कहना है कि कुल्लू शहर में लगे कूड़े ढेर से घाटी के पर्यटन को अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले दशहरा के पर्यटन भी असर पड़ेगा। जिला मुख्यालय में गंदगी न उठने से शहर के पर्यटन कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है।
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कूड़ा डंप न होने से पर्यटन पर पड़ेगा असर
होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि कुल्लू में कूड़ा-कचरे के डंपिंग न होने से न केवल पर्यटन पर फर्क पड़ेगा, बल्कि कुल्लू शहर के लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन को आगे आकर समस्या का समाधान करना चाहिए।
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