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ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट, प्राकृतिक स्त्रोत असुरक्षित
Updated Wed, 06 Jun 2018 10:16 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट
प्राकृतिक जलस्रोत हैं असुरक्षित
प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण
प्राकृतिक पेयजल से पानी का सेवन बीमारियों को बुलावा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बरकरार है। ग्रामीण मजबूरन प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। हालांकि प्राकृतिक स्रोत असुरक्षित हैं। जनवरी से अप्रैल 2018 के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 22 पेयजल सैंपल भरे हैं। जिनमें 12 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। ऐसे में प्राकृतिक स्रोतों से पानी का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर बीमारियों को बुलावा देना है।
प्रशासन का दावा है कि जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की समस्या पेश आ रही है। वहां सीधे तौर पर टैंकरों से पानी की सप्लाई पूरी की जाएगी। पानी की कमी किसी भी सूरत में नहीं आने दी जाएगी। इस संबंध में आईपीएच विभाग को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। हर दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों से कई दिनों से पेयजल न आने की शिकायतें मिल रही हैं। सूखे से जिला की 75 फीसदी पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिससे कई इलाकों में पानी की कमी आंकी जा रही है। सूखे से निपटने के लिए जिला प्रशासन जिला स्तर पर बैठक कर रणनीति भी बना चुका है लेकिन धरातल स्तर पर कई जगहों में समस्या बरकरार है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विक्रम कटोच ने कहा कि चार माह के अंतराल में 22 में से 12 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। प्राकृतिक पेयजल स्रोत से सीधे पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। पानी को उबालने के बाद ही प्रयोग में लाएं। वहीं, उपायुक्त यूनुस ने बताया कि पेयजल को लेकर स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। जहां पेयजल की कमी पाई जा रही है। वहां वाटर टैंकर से पेयजल सप्लाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कैसे करें बचाव
पानी को उबाल कर पीएं।
पानी में क्लोरीन की दवा जरूर डालें।
गंदे पानी का सेवन न करें।
पेयजल स्रोतों के आसपास सफाई रखें।
ये पेयजल सैंपल हुए हैं फेल
मेन टैंक छीचू रोपा सैंज, मियां होटल सैंज, बस स्टैंड ठेला गड़सा, डब्लयूएसएस जिया स्कीम पीएचसी भुंतर, पब्लिक नल छनूर पीएच भुंतर, डाइट जरड़ बोर वेल, बस स्टॉप पिपलागे हैंडपंप, आईपीएच स्कीम नजदीक ट्रक यूनियन भुंतर, पीएचसी भुट्टी नजदीक मंदिर, वाटर स्टोरेज टैंक कांडीधार सैंपल फेल पाए गए हैं। यह सैंपल स्वास्थ्य विभाग की ओर से भरे गए थे। नाला वाटर गैधार बंजार, प्राकृतिक जल स्रोत गैधार बंजार दोनों सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। भाहली सैंज मेन सोर्स स्प्रिंग वाटर सैंपल संदेहजनक पाया गया है।
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प्राकृतिक जलस्रोत हैं असुरक्षित
प्राकृतिक पेयजल स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर ग्रामीण
प्राकृतिक पेयजल से पानी का सेवन बीमारियों को बुलावा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बरकरार है। ग्रामीण मजबूरन प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। हालांकि प्राकृतिक स्रोत असुरक्षित हैं। जनवरी से अप्रैल 2018 के बीच स्वास्थ्य विभाग ने 22 पेयजल सैंपल भरे हैं। जिनमें 12 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। ऐसे में प्राकृतिक स्रोतों से पानी का इस्तेमाल करना सीधे तौर पर बीमारियों को बुलावा देना है।
प्रशासन का दावा है कि जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट की समस्या पेश आ रही है। वहां सीधे तौर पर टैंकरों से पानी की सप्लाई पूरी की जाएगी। पानी की कमी किसी भी सूरत में नहीं आने दी जाएगी। इस संबंध में आईपीएच विभाग को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। हर दूसरे दिन ग्रामीण क्षेत्रों से कई दिनों से पेयजल न आने की शिकायतें मिल रही हैं। सूखे से जिला की 75 फीसदी पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिससे कई इलाकों में पानी की कमी आंकी जा रही है। सूखे से निपटने के लिए जिला प्रशासन जिला स्तर पर बैठक कर रणनीति भी बना चुका है लेकिन धरातल स्तर पर कई जगहों में समस्या बरकरार है।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विक्रम कटोच ने कहा कि चार माह के अंतराल में 22 में से 12 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। प्राकृतिक पेयजल स्रोत से सीधे पानी का सेवन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। पानी को उबालने के बाद ही प्रयोग में लाएं। वहीं, उपायुक्त यूनुस ने बताया कि पेयजल को लेकर स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। जहां पेयजल की कमी पाई जा रही है। वहां वाटर टैंकर से पेयजल सप्लाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कैसे करें बचाव
पानी को उबाल कर पीएं।
पानी में क्लोरीन की दवा जरूर डालें।
गंदे पानी का सेवन न करें।
पेयजल स्रोतों के आसपास सफाई रखें।
ये पेयजल सैंपल हुए हैं फेल
मेन टैंक छीचू रोपा सैंज, मियां होटल सैंज, बस स्टैंड ठेला गड़सा, डब्लयूएसएस जिया स्कीम पीएचसी भुंतर, पब्लिक नल छनूर पीएच भुंतर, डाइट जरड़ बोर वेल, बस स्टॉप पिपलागे हैंडपंप, आईपीएच स्कीम नजदीक ट्रक यूनियन भुंतर, पीएचसी भुट्टी नजदीक मंदिर, वाटर स्टोरेज टैंक कांडीधार सैंपल फेल पाए गए हैं। यह सैंपल स्वास्थ्य विभाग की ओर से भरे गए थे। नाला वाटर गैधार बंजार, प्राकृतिक जल स्रोत गैधार बंजार दोनों सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। भाहली सैंज मेन सोर्स स्प्रिंग वाटर सैंपल संदेहजनक पाया गया है।