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अटल के निधन से समूची लाहौल घाटी गमगीन
Updated Thu, 16 Aug 2018 10:56 PM IST
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अटल के निधन से लाहौल घाटी गमगीन
रोहतांग टनल के तोहफे को भुला नहीं पाएंगे घाटी के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। कवि हृदय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से समूची लाहौल घाटी शोक की लहर में डूब गई हैै। जनजातीय उत्सव के बीच वाजपेयी के निधन की खबर से पूरा माहौल गमगीन हो गया। साल 2000 में लाहौलियों के सपनों के रोहतांग सुरंग प्रोजेक्ट की घोषणा करने वाले प्रधानमंत्री वाजपेयी की छाप यहां के हर शख्स के जहन में बसी है।
कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि अटल का जाना पूरे देश के लिए बड़ा नुकसान है। कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जैसी शख्सियत नहीं मिल पाएगी। मारकंडा ने कहा कि साल 2000 में उनके राज्य मंत्री रहते हुए वाजपेयी ने केलांग के मंच से वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रोहतांग टनल की विधिवत घोषणा की थी। कहा कि उनके दुनिया से जाने से उन्हें बेहद दुख हुआ है। अटल के लाहौली मित्र रहे स्वर्गीय टशी दवा उर्फ अर्जुन गोपाल के जेष्ठ पुत्र अमर सिंह ने कहा कि उनके निधन की खबर से आहत हुए हैं। बताया कि उनके पिता अटल के विराट व्यक्तित्व के बारे में अक्सर उन्हें सुनाया करते थे। वहीं, लाहौल की जनता तथा पूर्व विधायक रवि ठाकुर, ठाकुर रघुवीर सिंह, फुंचोग राय के अलावा भाजपा नेता युवराज बोध, राजेंद्र बोध, पुष्पा देवी, शमशेर सिंह, लोबजंग ज्ञलसन, रिगजिन हायरपा, नावांग उपासक, पलजोर बोध सूरज ठाकुर, सुनील कारवा ने अटल के निधन पर दुख प्रकट किया है।
बॉक्स
रद्द हुई सांस्कृतिक संध्या
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के कारण जनजातीय उत्सव की आखिरी संध्या को रद्द कर दिया गया। जिसके कारण जनजातीय उत्सव की आखिरी संध्या नहीं हो सकी।
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रोहतांग टनल के तोहफे को भुला नहीं पाएंगे घाटी के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। कवि हृदय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से समूची लाहौल घाटी शोक की लहर में डूब गई हैै। जनजातीय उत्सव के बीच वाजपेयी के निधन की खबर से पूरा माहौल गमगीन हो गया। साल 2000 में लाहौलियों के सपनों के रोहतांग सुरंग प्रोजेक्ट की घोषणा करने वाले प्रधानमंत्री वाजपेयी की छाप यहां के हर शख्स के जहन में बसी है।
कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि अटल का जाना पूरे देश के लिए बड़ा नुकसान है। कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जैसी शख्सियत नहीं मिल पाएगी। मारकंडा ने कहा कि साल 2000 में उनके राज्य मंत्री रहते हुए वाजपेयी ने केलांग के मंच से वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में रोहतांग टनल की विधिवत घोषणा की थी। कहा कि उनके दुनिया से जाने से उन्हें बेहद दुख हुआ है। अटल के लाहौली मित्र रहे स्वर्गीय टशी दवा उर्फ अर्जुन गोपाल के जेष्ठ पुत्र अमर सिंह ने कहा कि उनके निधन की खबर से आहत हुए हैं। बताया कि उनके पिता अटल के विराट व्यक्तित्व के बारे में अक्सर उन्हें सुनाया करते थे। वहीं, लाहौल की जनता तथा पूर्व विधायक रवि ठाकुर, ठाकुर रघुवीर सिंह, फुंचोग राय के अलावा भाजपा नेता युवराज बोध, राजेंद्र बोध, पुष्पा देवी, शमशेर सिंह, लोबजंग ज्ञलसन, रिगजिन हायरपा, नावांग उपासक, पलजोर बोध सूरज ठाकुर, सुनील कारवा ने अटल के निधन पर दुख प्रकट किया है।
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रद्द हुई सांस्कृतिक संध्या
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के कारण जनजातीय उत्सव की आखिरी संध्या को रद्द कर दिया गया। जिसके कारण जनजातीय उत्सव की आखिरी संध्या नहीं हो सकी।
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