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भारी बारिश से 65 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला में पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश से जहां सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है, वहीं पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। जिला में 65 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके चलते दर्जनों गांवों में पेयजल संकट की स्थिति पैदा हो गई है। मुख्य स्रोतों के बाधित होने से पेयजल योजनाओं की सप्लाई ठप है। कई जगहों पर नालों में बाढ़ आने से पेयजल पाइपें ही बह गई हैं, जिन्हें दूसरी बार जोड़ने में समय लगेगा।
प्रशासन ने भी स्थिति को भांपते हुए जिला में हुए नुकसान और आपदा से निपटने के प्रबंधों की समीक्षा के लिए मंगलवार को बचत भवन में जिला के अधिकारियों के साथ बैठक की है। आईपीएच विभाग के अधिकारियों को दस दिन के भीतर सभी योजनाओं को बहाल करने के निर्देश दिए। उपायुक्त यूनुस ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फसलों के नुकसान का अतिशीघ्र आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे किसानों और बागवानों को तत्काल आर्थिक मदद दी जा सके। भुंतर और बजौरा के बाढ़ प्रभावितों को नियम अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। आईपीएच विभाग व स्वास्थ्य विभाग पेयजल स्रोतों की स्वच्छता सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित नुकसान की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। समीक्षा बैठक में एडीएम अक्षय सूद, एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया आदि मौजूद रहे।
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कुल्लू। जिला में पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश से जहां सड़कों को काफी नुकसान पहुंचा है, वहीं पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। जिला में 65 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके चलते दर्जनों गांवों में पेयजल संकट की स्थिति पैदा हो गई है। मुख्य स्रोतों के बाधित होने से पेयजल योजनाओं की सप्लाई ठप है। कई जगहों पर नालों में बाढ़ आने से पेयजल पाइपें ही बह गई हैं, जिन्हें दूसरी बार जोड़ने में समय लगेगा।
प्रशासन ने भी स्थिति को भांपते हुए जिला में हुए नुकसान और आपदा से निपटने के प्रबंधों की समीक्षा के लिए मंगलवार को बचत भवन में जिला के अधिकारियों के साथ बैठक की है। आईपीएच विभाग के अधिकारियों को दस दिन के भीतर सभी योजनाओं को बहाल करने के निर्देश दिए। उपायुक्त यूनुस ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को फसलों के नुकसान का अतिशीघ्र आकलन करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे किसानों और बागवानों को तत्काल आर्थिक मदद दी जा सके। भुंतर और बजौरा के बाढ़ प्रभावितों को नियम अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। आईपीएच विभाग व स्वास्थ्य विभाग पेयजल स्रोतों की स्वच्छता सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित नुकसान की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। समीक्षा बैठक में एडीएम अक्षय सूद, एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया आदि मौजूद रहे।
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