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एसएफआई ने काली पट्टी बांधकर मनाया काला दिवस
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:16 PM IST
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एसएफआई ने काली पट्टी
बांधकर मनाया काला दिवस
कुल्लू। स्थानीय कॉलेज की एसएफआई इकाई ने शनिवार को 18 मार्च 2015 को विधानसभा के बाहर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में काला दिवस मनाया है। छात्र संगठन के मुंह में काली पट्टी बांध कर रोष जताया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अजय बक्शी ने कहा कि 18 मार्च 2015 को छात्र संगठन एसएफआई ने विधानसभा के बाहर रूसा प्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। जिसमें कुल्लू कॉलेज के छात्रों ने भी भाग लिया था लेकिन रैली को दबाने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया ओर कई विद्यार्थियों को चोटें आई थीं। ऐसे में दमनकारी प्रशासन के खिलाफ एसएफआई ने सूबे के तमाम महाविद्यालयों में मौन धारण कर रोष जताया था।
वहीं जिला सचिव आशीष ठाकुर ने कहा कि जब से रूसा प्रणाली लागू की है तब से छात्र संगठन इसका कड़ा विरोध कर रहा है। कालेजों में प्राध्यापकों की भारी कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इस मौके पर सुनील ठाकुर, राहुल, मनोज, रिंपल कृष्णा, होशियार, निखिल और जबना आदि छात्र नेता उपस्थित थे।
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बांधकर मनाया काला दिवस
कुल्लू। स्थानीय कॉलेज की एसएफआई इकाई ने शनिवार को 18 मार्च 2015 को विधानसभा के बाहर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में काला दिवस मनाया है। छात्र संगठन के मुंह में काली पट्टी बांध कर रोष जताया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अजय बक्शी ने कहा कि 18 मार्च 2015 को छात्र संगठन एसएफआई ने विधानसभा के बाहर रूसा प्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। जिसमें कुल्लू कॉलेज के छात्रों ने भी भाग लिया था लेकिन रैली को दबाने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया ओर कई विद्यार्थियों को चोटें आई थीं। ऐसे में दमनकारी प्रशासन के खिलाफ एसएफआई ने सूबे के तमाम महाविद्यालयों में मौन धारण कर रोष जताया था।
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वहीं जिला सचिव आशीष ठाकुर ने कहा कि जब से रूसा प्रणाली लागू की है तब से छात्र संगठन इसका कड़ा विरोध कर रहा है। कालेजों में प्राध्यापकों की भारी कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। इस मौके पर सुनील ठाकुर, राहुल, मनोज, रिंपल कृष्णा, होशियार, निखिल और जबना आदि छात्र नेता उपस्थित थे।
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