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Kullu News: मौहल में जलवायु परिवर्तन पर पेश किए 36 शोधपत्र
Tue, 21 Nov 2023 11:15 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:15 PM IST
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जीबी पंत संस्थान मौहल में जलवायु परिवर्तन पर हुई कार्यशाला में शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए। संव
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कुल्लू। गोविंद बल्लभपंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान मौहल में जलवायु परिवर्तन एवं चुनौती विषय पर दो दिवसीय सेमिनार हुआ। इसमें उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। विशेष अतिथि ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की निदेशक मीरा शर्मा रहीं।
ज्योग्राफिकल सोसायटी ऑफ हिमाचल प्रदेश के निदेशक डॉ. डीडी शर्मा ने कहा कि जियोग्राफी का बहुत व्यापक दायरा है तथा विज्ञान की सभी धाराओं में इसका प्रयोग किया जाना चाहिए। जलवायु परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है जो पृथ्वी के उद्भव के समय से ही होती रही है। प्रो. कौशल कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरागत ज्ञान का उपयोग जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान के लिए किया जाना चाहिए।
मुख्य वक्ता प्रो. रवि कुमार शर्मा ने भूस्खलन के बारे में विस्तार से चर्चा की। सेमिनार में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र तथा केरल के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा शोध संस्थानों से आए हुए लगभग 120 शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 36 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इस दौरान डॉ. वसुधा अग्निहोत्री, डॉ. केसर चंद, डॉ. रेनू नेगी, डॉ. सरला शाशनी, डॉ. मनीष त्रिपाठी, डॉ. किशोर कुमार आदि उपस्थित रहे। संवाद
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ज्योग्राफिकल सोसायटी ऑफ हिमाचल प्रदेश के निदेशक डॉ. डीडी शर्मा ने कहा कि जियोग्राफी का बहुत व्यापक दायरा है तथा विज्ञान की सभी धाराओं में इसका प्रयोग किया जाना चाहिए। जलवायु परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है जो पृथ्वी के उद्भव के समय से ही होती रही है। प्रो. कौशल कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरागत ज्ञान का उपयोग जलवायु परिवर्तन की समस्या के समाधान के लिए किया जाना चाहिए।
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मुख्य वक्ता प्रो. रवि कुमार शर्मा ने भूस्खलन के बारे में विस्तार से चर्चा की। सेमिनार में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र तथा केरल के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा शोध संस्थानों से आए हुए लगभग 120 शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 36 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इस दौरान डॉ. वसुधा अग्निहोत्री, डॉ. केसर चंद, डॉ. रेनू नेगी, डॉ. सरला शाशनी, डॉ. मनीष त्रिपाठी, डॉ. किशोर कुमार आदि उपस्थित रहे। संवाद
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