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अटल का कुल्लू-मनाली के साथ था भावनात्मक रिश्ता
Updated Thu, 16 Aug 2018 10:48 PM IST
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कुल्लूवासियों के दिल मेें बसते थे अटल
वाजपेयी का कुल्लू-मनाली के साथ था भावनात्मक रिश्ता
पहली बार 60 के दशक में आए थे कुल्लू-मनाली अटल
अमी चंद भंडारी
कुल्लू/खराहल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कुल्लूवासियों के दिल बसते थे। मनाली स्थित प्रीणी में अटल बिहारी वाजपेयी हर साल आते थे। कुल्लू की कई हस्तियों को अटल सीधे नाम लेकर पुकारते थे। कुल्लू-मनाली के लोगों के साथ उनका भावनात्मक रिश्ता जुड़ा हुआ था। वहीं, कुल्लूवासी ही नहीं, बल्कि हिमाचल के मेहनती और ईमानदार लोगों को अटल दिल से प्यार करते थे।
उनकी सरकार के दौरान कुल्लू-मनाली का विकास तो हुआ ही। वहीं पूरे सूबे के लिए दिल खोलकर कई पैकज भी अटल ने दिए। सबसे बड़ा महत्वाकाक्षी कार्य उन्होंने लाहौल-स्पीति के लोगों के लिए रोहतांग टनल निर्माण का तोहफा दिया है। जो कि कुछ समय में बनकर तैयार होने वाली है। अटल हमेशा कहते रहे रोहतांग टनल लाहौल के लिए नहीं पूरे भारत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। पूर्व विधायक चंद्र सेन ठाकुर कहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी का विराट व्यक्तित्व था। उनके निधन से दूसरे घर कुल्लू में भी मातम छा गया है। उनके निधन से मैं और कुल्लू के तमाम लोग काफी दुखी हैं। अटल भाजपा के नेता ही नहीं थे वे राष्ट्र के नेता थे। अटल साठ के दशक में कुल्लू मनाली लोकराज पार्टी के प्रचार के लिए आए थे। इसके बाद हर साल मनाली आते थे। अटल मनाली में बढ़ रहे भवनों के दबाव को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। अटल प्रदेश की महिलाओं की स्थिति को देखकर कहते थे कि यहां की महिलाएं मेहनतकश हैं। वन मंत्री गोविंद ठाकुर भी अटल के निधन से काफी आहत हैं। पूर्व विधायक महेश्वर सिंह अटल के देहांत से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि अटल कुल्लूवासियों के दिल में बसते थे। अटल ने तीन जून 2000 को लाहौल आए थे। उन्होंने मंच से ही रोहतांग टनल निर्माण की घोषणा की थी। भले ही अटल आज हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन हमेशा उनकी नेकी और साफ व्यक्तित्व लोगों के दिलों में राज करेगा।
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वाजपेयी का कुल्लू-मनाली के साथ था भावनात्मक रिश्ता
पहली बार 60 के दशक में आए थे कुल्लू-मनाली अटल
अमी चंद भंडारी
कुल्लू/खराहल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कुल्लूवासियों के दिल बसते थे। मनाली स्थित प्रीणी में अटल बिहारी वाजपेयी हर साल आते थे। कुल्लू की कई हस्तियों को अटल सीधे नाम लेकर पुकारते थे। कुल्लू-मनाली के लोगों के साथ उनका भावनात्मक रिश्ता जुड़ा हुआ था। वहीं, कुल्लूवासी ही नहीं, बल्कि हिमाचल के मेहनती और ईमानदार लोगों को अटल दिल से प्यार करते थे।
उनकी सरकार के दौरान कुल्लू-मनाली का विकास तो हुआ ही। वहीं पूरे सूबे के लिए दिल खोलकर कई पैकज भी अटल ने दिए। सबसे बड़ा महत्वाकाक्षी कार्य उन्होंने लाहौल-स्पीति के लोगों के लिए रोहतांग टनल निर्माण का तोहफा दिया है। जो कि कुछ समय में बनकर तैयार होने वाली है। अटल हमेशा कहते रहे रोहतांग टनल लाहौल के लिए नहीं पूरे भारत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। पूर्व विधायक चंद्र सेन ठाकुर कहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी का विराट व्यक्तित्व था। उनके निधन से दूसरे घर कुल्लू में भी मातम छा गया है। उनके निधन से मैं और कुल्लू के तमाम लोग काफी दुखी हैं। अटल भाजपा के नेता ही नहीं थे वे राष्ट्र के नेता थे। अटल साठ के दशक में कुल्लू मनाली लोकराज पार्टी के प्रचार के लिए आए थे। इसके बाद हर साल मनाली आते थे। अटल मनाली में बढ़ रहे भवनों के दबाव को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। अटल प्रदेश की महिलाओं की स्थिति को देखकर कहते थे कि यहां की महिलाएं मेहनतकश हैं। वन मंत्री गोविंद ठाकुर भी अटल के निधन से काफी आहत हैं। पूर्व विधायक महेश्वर सिंह अटल के देहांत से दुखी हैं। उन्होंने कहा कि अटल कुल्लूवासियों के दिल में बसते थे। अटल ने तीन जून 2000 को लाहौल आए थे। उन्होंने मंच से ही रोहतांग टनल निर्माण की घोषणा की थी। भले ही अटल आज हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन हमेशा उनकी नेकी और साफ व्यक्तित्व लोगों के दिलों में राज करेगा।
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