कुल्लू। जिला कुल्लू के बाह्य सराज की रघुपुर घाटी में बादल फटने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बादल फटने के बाद बालागाड़ नामक खड्ड में आई बाढ़ से हुए नुकसान के निशान कई किलोमीटर तक देखने को मिल रहे हैं। बाढ़ से जहां सड़क, पुलियां, पैदल रास्ते, मटर, मक्की, राजमा की फसल को नुकसान हुआ है, वहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लगौटी के पास खड्ड किनारे स्थापित फिश फार्म में 3000 ट्राउट मछलियां बह गई हैं।
मछलियों के लिए बनाया टैंक बाढ़ के मलबे से भर गया है। ऊपरी फनौटी के पीछे पेयजल स्रोत से जोड़ी गई फनौटी-बिशलाधार पेयजल स्कीम भी तहस नहस हो गई है। स्कीम के कई पाइप बाढ़ में बह गए। इससे पूरे बिशलाधार में पेयजल संकट छा गया है। करशैईगाड़ पंचायत के पूर्व प्रधान फौजी लाल शर्मा ने कहा कि उन्होंने पिछले साल पतलीकूहल से ट्राउट मछली का बीज लाया था और इस साल मछलियां तैयार हो गई थी। लेकिन 30 सितंबर को फनौटी पंचायत में रघुपुरगढ़ से नीचे बादल फटने से आई बाढ़ से मछली फार्म को नुकसान पहुंचा है। टैंक में 3000 हजार ट्राउट मछलियां बाढ़ में बह गई हैं। साथ ही टैंक में भी दरारें आ गई हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ का रौद्र रूप देखकर पूरी घाटी के लोग सहम गए हैं। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से राणाबाग-श्वाड़ तक पुलियां व रास्तों को नुकसान पहुंचा है। एसडीएम कुलदीप पटियाल ने कहा कि बाढ़ से फसलों के अलावा पेयजल स्कीम, पैदल रास्तों को नुकसान की सूचना है। नुकसान का आकलन के लिए एक टीम मौके के लिए भेजी जाएगी। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है, इसकी रिपोर्ट राजस्व विभाग से मांगी है। प्रभावित लोगों की प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।