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Kullu News: तीन महीने के स्वर्ग प्रवास पर निकलेंगे 300 देवी-देवता
Thu, 14 Dec 2023 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:16 PM IST
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कुल्लू/खराहल। आराध्य देवता बिजली महादेव के भक्त अब तीन महीने तक महादेव के दर्शन नहीं कर सकेंगे। देवता तीन महीने के लिए स्वर्ग प्रवास पर रहेंगे। इसके अलावा जिले में करीब 300 देवी-देवताओं के मंदिर भी बंद हो जाएंगे। मंदिरों के बंद होने से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान नहीं हो सकेंगे।
जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ सटी खराहल घाटी की चोटी पर स्थित मथाण नामक स्थान में बिजली महादेव मंदिर के कपाट (दरवाजे) बंद हो जाएंगे। ऐसे में भक्तों को अपने आराध्य देवता के दर्शन अब चैत्र संक्रांति के दिन होंगे। मंदिर के कपाट तीन महीने बाद चैत्र मास की संक्रांति को विधि-विधान अनुसार पूजा-अर्चना के बाद खुलेंगे।
देव मान्यता के अनुसार देवता बिजली महादेव तीन माह के स्वर्ग प्रवास पर रहते हैं। ऐसे में मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। यह जरूर है कि महाशिवरात्रि के लिए मंदिर के कपाट तीन माह की इस अवधि के बीच दो दिन के लिए खोले जाते हैं। महाशिवरात्रि की रस्म को निभाने के बाद कपाट दोबारा बंद कर दिए जाते हैं।
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15 दिसंबर को पौष संक्रांति के दिन मंदिर के पुजारी की ओर से देव विधान के साथ मंदिर का मुख्य कपाट बंद किए जाएंगे। देवलु महेश शर्मा, हेमराज, श्याम लाल ने कहा कि देव परंपरा के अनुसार सदियों से ही मंदिर के कपाट पौष संक्रांति के दिन तीन माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
देवता बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल ने कहा कि शुक्रवार को मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देवता तीन माह के लिए स्वर्ग प्रवास के लिए जाते हैं। संवाद
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आराध्य देवता बिजली महादेव के अलावा घाटी के अन्य देवी-देवता भी स्वर्ग प्रवास के लिए जाते हैं। करीब 300 देवी-देवताओं के मंदिर पौष संक्रांति के दिन से ही बंद हो जाएंगे। कुछ देवता माघ की संक्रांति को स्वर्ग प्रवास से लौटते हैं, तो कुछ चैत्र संक्रांति को। देवता बिजली महादेव का स्वर्ग प्रवास पूरे तीन माह का होता है।
-दोत राम ठाकुर, अध्यक्ष, जिला देवी-देवता कारदार संघ
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जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ सटी खराहल घाटी की चोटी पर स्थित मथाण नामक स्थान में बिजली महादेव मंदिर के कपाट (दरवाजे) बंद हो जाएंगे। ऐसे में भक्तों को अपने आराध्य देवता के दर्शन अब चैत्र संक्रांति के दिन होंगे। मंदिर के कपाट तीन महीने बाद चैत्र मास की संक्रांति को विधि-विधान अनुसार पूजा-अर्चना के बाद खुलेंगे।
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देव मान्यता के अनुसार देवता बिजली महादेव तीन माह के स्वर्ग प्रवास पर रहते हैं। ऐसे में मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। यह जरूर है कि महाशिवरात्रि के लिए मंदिर के कपाट तीन माह की इस अवधि के बीच दो दिन के लिए खोले जाते हैं। महाशिवरात्रि की रस्म को निभाने के बाद कपाट दोबारा बंद कर दिए जाते हैं।
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15 दिसंबर को पौष संक्रांति के दिन मंदिर के पुजारी की ओर से देव विधान के साथ मंदिर का मुख्य कपाट बंद किए जाएंगे। देवलु महेश शर्मा, हेमराज, श्याम लाल ने कहा कि देव परंपरा के अनुसार सदियों से ही मंदिर के कपाट पौष संक्रांति के दिन तीन माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
देवता बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल ने कहा कि शुक्रवार को मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देवता तीन माह के लिए स्वर्ग प्रवास के लिए जाते हैं। संवाद
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आराध्य देवता बिजली महादेव के अलावा घाटी के अन्य देवी-देवता भी स्वर्ग प्रवास के लिए जाते हैं। करीब 300 देवी-देवताओं के मंदिर पौष संक्रांति के दिन से ही बंद हो जाएंगे। कुछ देवता माघ की संक्रांति को स्वर्ग प्रवास से लौटते हैं, तो कुछ चैत्र संक्रांति को। देवता बिजली महादेव का स्वर्ग प्रवास पूरे तीन माह का होता है।
-दोत राम ठाकुर, अध्यक्ष, जिला देवी-देवता कारदार संघ