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सैंज में स्लेट अवैध खनन से चार गांवों का खतरा

Thu, 03 Jan 2019 09:50 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jan 2019 09:50 PM IST
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सैंज में स्लेट अवैध खनन से चार गांवों का खतरा
सैंज में अवैध खनन से चार गांवों को भूस्खलन का खतरा
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रात-दिन बेरोकटोक हो रहे खनन से दहशत में दो दर्जन परिवार
प्रभावित बोले, सूचना देने के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू की सैंज घाटी की कनौन और धाउगी पंचायत के बीच में पड़ने वाले शलवाड़ स्थित कलियाह गांव के पास हो रहे अवैध खनन से चार गांवों को खतरा हो गया है। यहां पर करीब दस साल से रात-दिन हो रहे अवैध खनन से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बारिश होने पर गांव में भूस्खलन का खतरा बना रहता है। इस कारण लोग रात को सो भी नहीं पाते हैं। हालांकि इस बारे में प्रभावित गांव के लोगों ने पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग को इसकी कई बार सूचना दी है, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।

अवैध खनन से न केवल चार गांव के करीब दो दर्जन परिवार सहमे हुए बल्कि करोड़ों की वन संपदा को भी नुकसान हो रहा है। मशीनों से रात हो रहे खनन से ध्वनि प्रदूषण के साथ वायु प्रदूषण का भी बड़ा खतरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस खनन से गांव के साथ एक कृत्रिम नाला बन गया है, जो बरसात में तबाही मचा सकता है। अवैध खनन के कारण जवाल से तांदी को निकल रही सड़क का काम भी पांच साल से रुका है। इस सड़क निर्माण को लेकर विभाग ने सर्वे भी पूरा कर दिया है। ग्रामीण दिने राम, खेम राज, नैना देवी, गुलाब चंद और नारायण सिंह ने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों द्वारा उन्हें जान से भी मारने की धमकियां दी जा रही हैं। बिना किसी सरकारी दस्तावेजों के इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि खान सेकलियाह, नियाही, खड़ीधार और डोली गांव को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि गई बार खनन के लिए जेसीबी मशीन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर उनके घरों को किसी तरह का खतरा हुआ तो इसके लिए वन विभाग व खनन विभाग जिम्मेदार होगा। इस संबंध में जिला खनन अधिकारी सुरेश ने कहा कि सैंज में कुछ जगहों पर साइटों को खनन के लिए मंजूरी मिली है। इसके बावजूद विभाग इस मामले की जांच करेगा।
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