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चौबीस घंटे में बह गई 14.23 करोड़ की संपत्ति
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:47 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में 24 घंटे में मूसलाधार बारिश से 14.23 करोड़ का नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन के लिहाज से यह अभी तक का सबसे अधिक नुकसान आंका गया है। बादल फटने, बाढ़ आने, भारी भूस्खलन से हुई क्षति से दूसरे दिन भी मंगलवार को घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
लोनिवि ने 50 से अधिक सड़कों को बहाल करने का दावा है। शेष 22 सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। सड़कों के बंद होने से मंगलवार को कई जगह पर लोगों को पैदल ही आना पड़ा है। बरसात से सबसे अधिक नुकसान बंजार, आनी, निरमंड तथा कुल्लू में हुआ है। यहां सड़कों, पुलों, घरों, पैदल पुल, दुकानें, गौशाला के अतिरिक्त आईपीएच की पेयजल व सिंचाई योजनाएं तहस नहस हो गई हैं। सरकारी संपत्ति के साथ निजी संपत्ति को करोड़ों का नुकसान भी हुआ है। भूस्खलन से लोनिवि की 72 सड़कें भूस्खलन, मलबा आने तथा डंगा ढहने से प्रभावित हुई हैं। लोनिवि बंजार को 4.44 करोड़, कुल्लू लोनिवि को 2.29 करोड़ तथा आनी व निरमंड लोनिवि के 50 लाख बरसात की बाढ़ में बह गए हैं। आईपीएच विभाग ने 5.19 करोड़, 43 मकानों के नुकसान होने से करीब डेढ़ करोड़, बाढ़ से 40 दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से पांच लाख, बजौरा में बादल फटने से 16 लाख रुपये से बने दो गोसदन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा बागवानी, कृषि, नेशनल हाईवे अथॉरिटी व नगर परिषद को भी लाखों की चपत लगी है। जिला कुल्लू में अभी तक मानसून के मौसम से 35.75 करोड़ 23 हजार रुपये की क्षति हुई। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि 24 घंटों के भीतर जिला में 14.23 करोड़ 85 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इसमें सरकारी संपत्ति के साथ भूस्खलन व बाढ़ से निजी खेत खलियान, फसल, सेब के बगीचों और रिहायशी मकान को नुकसान हुआ है। कहा कि प्रशासन ने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।
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कुल्लू। जिला कुल्लू में 24 घंटे में मूसलाधार बारिश से 14.23 करोड़ का नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन के लिहाज से यह अभी तक का सबसे अधिक नुकसान आंका गया है। बादल फटने, बाढ़ आने, भारी भूस्खलन से हुई क्षति से दूसरे दिन भी मंगलवार को घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
लोनिवि ने 50 से अधिक सड़कों को बहाल करने का दावा है। शेष 22 सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। सड़कों के बंद होने से मंगलवार को कई जगह पर लोगों को पैदल ही आना पड़ा है। बरसात से सबसे अधिक नुकसान बंजार, आनी, निरमंड तथा कुल्लू में हुआ है। यहां सड़कों, पुलों, घरों, पैदल पुल, दुकानें, गौशाला के अतिरिक्त आईपीएच की पेयजल व सिंचाई योजनाएं तहस नहस हो गई हैं। सरकारी संपत्ति के साथ निजी संपत्ति को करोड़ों का नुकसान भी हुआ है। भूस्खलन से लोनिवि की 72 सड़कें भूस्खलन, मलबा आने तथा डंगा ढहने से प्रभावित हुई हैं। लोनिवि बंजार को 4.44 करोड़, कुल्लू लोनिवि को 2.29 करोड़ तथा आनी व निरमंड लोनिवि के 50 लाख बरसात की बाढ़ में बह गए हैं। आईपीएच विभाग ने 5.19 करोड़, 43 मकानों के नुकसान होने से करीब डेढ़ करोड़, बाढ़ से 40 दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से पांच लाख, बजौरा में बादल फटने से 16 लाख रुपये से बने दो गोसदन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा बागवानी, कृषि, नेशनल हाईवे अथॉरिटी व नगर परिषद को भी लाखों की चपत लगी है। जिला कुल्लू में अभी तक मानसून के मौसम से 35.75 करोड़ 23 हजार रुपये की क्षति हुई। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि 24 घंटों के भीतर जिला में 14.23 करोड़ 85 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इसमें सरकारी संपत्ति के साथ भूस्खलन व बाढ़ से निजी खेत खलियान, फसल, सेब के बगीचों और रिहायशी मकान को नुकसान हुआ है। कहा कि प्रशासन ने रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।
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