{"_id":"5a7c73a44f1c1b8c268b91cb","slug":"201518105508-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवरात्रि गानों से देवमय हुई रघुपुर घाटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिवरात्रि गानों से देवमय हुई रघुपुर घाटी
Updated Thu, 08 Feb 2018 09:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिवरात्रि के गानों से देवमय हुई रघुपुर घाटी
शिवरात्रि की तैयारियों में जुटे बाह्य सराज के लोग
14 को शिव माला की पूजा-अर्चना करेंगे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सर्दियों से मनाए जाने वाले शिवरात्रि पर्व को लेकर बाह्य सराज के लोग तैयारियों में जुट गए हैं। 14 फरवरी से शुरू होने वाले शिवरात्रि के लिए एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। ऐसे में बाह्य सराज आनी की रघुपुर घाटी के लोगों में काफी उत्साह है। इन दिनों घाटी के ग्रामीण घर-घर जाकर शिवरात्रि गीत गा रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों, चिमटा आदि वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से घाटी का वातावरण देवमय हो गया है। रोज शाम के समय ग्रामीण पारंपरिक गीत गाकर भगवान शिव को खुश करने में लगे हैं। प्रदेश भर में मशहूर जिला कुल्लू के बाह्य सराज का शिवरात्रि पर्व में लोग केमटू (संतरेनुमा फल) की माला बना कर इसकी विधिवत पूजा अर्चना करेंगे। घाटीवासी लाल चंद ठाकुर, खेम राज, तेज राम ठाकुर, रंजीत राठौर, रमेश चंद, आलम चंद, हंस राज, बेली राम, हीरा लाल और टेक सिंह ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व को लेकर रघुपुर घाटी के लोगों में भारी उत्साह है।
आधुनिकता के दौर में भी सदियों से मनाए जाने वाले शिवरात्रि पर्व को पारंपरिक तरीके से निर्वहन किया जाता है। शिवरात्रि को लोग अपने घरों में कई तरह से पारंपरिक व्यंजनों को परोसते हैं। गांव के लोगों ने शिवरात्रि गीत गाने शुरू कर दिए हैं और 14 फरवरी कर शिवरात्रि की रात को ग्रामीण घर-घर जाकर पूरे गांव की परिक्रमा करेंगे। 15 जनवरी सुबह ग्रामीण एकत्रित होकर परस्पर नाटी का आयोजन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिवरात्रि की तैयारियों में जुटे बाह्य सराज के लोग
14 को शिव माला की पूजा-अर्चना करेंगे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सर्दियों से मनाए जाने वाले शिवरात्रि पर्व को लेकर बाह्य सराज के लोग तैयारियों में जुट गए हैं। 14 फरवरी से शुरू होने वाले शिवरात्रि के लिए एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। ऐसे में बाह्य सराज आनी की रघुपुर घाटी के लोगों में काफी उत्साह है। इन दिनों घाटी के ग्रामीण घर-घर जाकर शिवरात्रि गीत गा रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों, चिमटा आदि वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि से घाटी का वातावरण देवमय हो गया है। रोज शाम के समय ग्रामीण पारंपरिक गीत गाकर भगवान शिव को खुश करने में लगे हैं। प्रदेश भर में मशहूर जिला कुल्लू के बाह्य सराज का शिवरात्रि पर्व में लोग केमटू (संतरेनुमा फल) की माला बना कर इसकी विधिवत पूजा अर्चना करेंगे। घाटीवासी लाल चंद ठाकुर, खेम राज, तेज राम ठाकुर, रंजीत राठौर, रमेश चंद, आलम चंद, हंस राज, बेली राम, हीरा लाल और टेक सिंह ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व को लेकर रघुपुर घाटी के लोगों में भारी उत्साह है।
विज्ञापन
आधुनिकता के दौर में भी सदियों से मनाए जाने वाले शिवरात्रि पर्व को पारंपरिक तरीके से निर्वहन किया जाता है। शिवरात्रि को लोग अपने घरों में कई तरह से पारंपरिक व्यंजनों को परोसते हैं। गांव के लोगों ने शिवरात्रि गीत गाने शुरू कर दिए हैं और 14 फरवरी कर शिवरात्रि की रात को ग्रामीण घर-घर जाकर पूरे गांव की परिक्रमा करेंगे। 15 जनवरी सुबह ग्रामीण एकत्रित होकर परस्पर नाटी का आयोजन करते हैं।
विज्ञापन