{"_id":"5ca8ac6cbdec22142e74b35c","slug":"181554558060-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता के जयकारों से गूंजे घाटी के मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता के जयकारों से गूंजे घाटी के मंदिर
विज्ञापन
मंदिर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिला भर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन माता के मंदिरों दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। घाटी के सभी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की गई। माता के जयकारे से मंदिर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी और भेंट चढ़ाई। पुरोहित की ओर से विक्रमी संवत 2076 के शुभारंभ पर मंदिरों में भारतीय नववर्ष पर साल भर का भविष्य फल सुनाया।
दुर्गा सहित अन्य मंदिरों में नववर्ष के उपलक्ष्य पर धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। मंदिरों में देवी-देवताओं के कारकून भी विशेष रूप से मौजूद रहे। घाटी के मंदिर जगन्नाथी भुवनेश्वरी पुईद और भुनेश्वरी भेखली के मंदिरों में विशेष आरती और पूजा-पाठ देव विधान के अनुसार किया गया। दशमी वारदा, न्योली रानी माता, वैष्णो माता, शीतला माता, देवी हिडिंबा, देवी पार्वती चोंग, दोचामोचा करजां, बूढ़ी नागिन सरयोलसर, माता ज्वाला, नैना माता मणिकर्ण सहित ज्वाली महादेव और थान देवता के मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। मंदिरों मेें श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। दुर्गा मंदिरों में नौ दिन तक खास पूजा-पाठ होगी। इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष जयचंद ठाकुर ने कहा कि पहले दिन चैत्र नवरात्र और नववर्ष के अवसर पर खास पूजा पाठ का क्रम चलता रहा। लोगों ने मंदिरों में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। माता जगन्नाथी भुनेश्वरी के कारदार झाबे राम ठाकुर ने बताया कि पहले दिन मंदिरों में विशेष आरती और पूजा पाठ देव विधि से हुई। उन्होंने कहा कि नौ दिन तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। इस मौके पर मंदिर में विशेष प्रबंध किए हैं। ओम प्रकाश शास्त्री कहते है कि चैत्र नवरात्रों के आरंभ होने से ऋतु परिवर्तन की शुरूआत होती है। उधर, इस संबंध में एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि सभी पुलिस थानों और चौकियों को इस स्तर पर अलर्ट कर दिया है। उन्होंने रात्रि गश्त और नाकाबंदी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कुल्लू/खराहल। जिला भर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन माता के मंदिरों दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। घाटी के सभी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की गई। माता के जयकारे से मंदिर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी और भेंट चढ़ाई। पुरोहित की ओर से विक्रमी संवत 2076 के शुभारंभ पर मंदिरों में भारतीय नववर्ष पर साल भर का भविष्य फल सुनाया।
दुर्गा सहित अन्य मंदिरों में नववर्ष के उपलक्ष्य पर धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। मंदिरों में देवी-देवताओं के कारकून भी विशेष रूप से मौजूद रहे। घाटी के मंदिर जगन्नाथी भुवनेश्वरी पुईद और भुनेश्वरी भेखली के मंदिरों में विशेष आरती और पूजा-पाठ देव विधान के अनुसार किया गया। दशमी वारदा, न्योली रानी माता, वैष्णो माता, शीतला माता, देवी हिडिंबा, देवी पार्वती चोंग, दोचामोचा करजां, बूढ़ी नागिन सरयोलसर, माता ज्वाला, नैना माता मणिकर्ण सहित ज्वाली महादेव और थान देवता के मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। मंदिरों मेें श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। दुर्गा मंदिरों में नौ दिन तक खास पूजा-पाठ होगी। इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष जयचंद ठाकुर ने कहा कि पहले दिन चैत्र नवरात्र और नववर्ष के अवसर पर खास पूजा पाठ का क्रम चलता रहा। लोगों ने मंदिरों में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। माता जगन्नाथी भुनेश्वरी के कारदार झाबे राम ठाकुर ने बताया कि पहले दिन मंदिरों में विशेष आरती और पूजा पाठ देव विधि से हुई। उन्होंने कहा कि नौ दिन तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी। इस मौके पर मंदिर में विशेष प्रबंध किए हैं। ओम प्रकाश शास्त्री कहते है कि चैत्र नवरात्रों के आरंभ होने से ऋतु परिवर्तन की शुरूआत होती है। उधर, इस संबंध में एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने कहा कि सभी पुलिस थानों और चौकियों को इस स्तर पर अलर्ट कर दिया है। उन्होंने रात्रि गश्त और नाकाबंदी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन