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कटागला में चार दिन बाद भी नहीं बदले हालात
Updated Thu, 16 Aug 2018 10:52 PM IST
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कटागला में चार दिन बाद भी नहीं बदले हालात
बिजली और पेयजल व्यवस्था ठप, लोग परेशान
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति पनपा रोष
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के कटागला में बादल फटने के चार दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। गांव में बिजली और पेयजल सप्लाई ठप है। जनजीवन पटरी पर लाने के लिए बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं जल्द बहाल न होने को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है।
स्थानीय निवासी तारा चंद ठाकुर, कुलदीप, डोला राम, दीप राम, नौमी राम, गंगा राम, टेक चंद, हीरा लाल, चमन लाल, चंद्रवती, नूप राम और ओम प्रकाश ने कहा कि कटागला में बादल फटने से 15 घरों को नुकसान पुहंचा है। मकानों के अंदर मलबा घुस गया है। कई मकान रहने योग्य नहीं हैं, जबकि 83 बीघा भूमि भी बादल फटने से बेकार हो गई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने बादल फटने के बाद आश्वासन दिया था कि ग्रामीणों के लिए राहत कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। लेकिन चार दिन बीत गए हैं, बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली के तारों को ठीक करने के लिए बिजली बोर्ड के कर्मचारी गांव में नहीं आए हैं। ऐसे में यहां पर घरों में अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं बादल फटने से आई बाढ़ में आईपीएच विभाग की पाइपें भी मलबे के नीचे दबी पड़ी है। पेयजल स्कीम को बहाल करने के लिए आईपीएच विभाग अभी तक कोई पहल नहीं कर पाया है। इसे लेकर लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि कुल्लू सदर से पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने कटागला में पहुंचकर लोगों का हालचाल पूछा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि प्रभावितों की समस्या को प्रदेश सरकार के ध्यान में लाया जाएगा, जबकि प्रशासन को जनजीवन पटरी पर लाने के लिए बिजली - पानी जैसी सुविधाओं को बहाल करने में तेजी लानी चाहिए।
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बिजली और पेयजल व्यवस्था ठप, लोग परेशान
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति पनपा रोष
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के कटागला में बादल फटने के चार दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। गांव में बिजली और पेयजल सप्लाई ठप है। जनजीवन पटरी पर लाने के लिए बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं जल्द बहाल न होने को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है।
स्थानीय निवासी तारा चंद ठाकुर, कुलदीप, डोला राम, दीप राम, नौमी राम, गंगा राम, टेक चंद, हीरा लाल, चमन लाल, चंद्रवती, नूप राम और ओम प्रकाश ने कहा कि कटागला में बादल फटने से 15 घरों को नुकसान पुहंचा है। मकानों के अंदर मलबा घुस गया है। कई मकान रहने योग्य नहीं हैं, जबकि 83 बीघा भूमि भी बादल फटने से बेकार हो गई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने बादल फटने के बाद आश्वासन दिया था कि ग्रामीणों के लिए राहत कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। लेकिन चार दिन बीत गए हैं, बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली के तारों को ठीक करने के लिए बिजली बोर्ड के कर्मचारी गांव में नहीं आए हैं। ऐसे में यहां पर घरों में अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं बादल फटने से आई बाढ़ में आईपीएच विभाग की पाइपें भी मलबे के नीचे दबी पड़ी है। पेयजल स्कीम को बहाल करने के लिए आईपीएच विभाग अभी तक कोई पहल नहीं कर पाया है। इसे लेकर लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि कुल्लू सदर से पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने कटागला में पहुंचकर लोगों का हालचाल पूछा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि प्रभावितों की समस्या को प्रदेश सरकार के ध्यान में लाया जाएगा, जबकि प्रशासन को जनजीवन पटरी पर लाने के लिए बिजली - पानी जैसी सुविधाओं को बहाल करने में तेजी लानी चाहिए।
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