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नौ लाख से चकाचक होगा श्रीखंड महादेव का रास्ता
Updated Thu, 21 Dec 2017 09:32 PM IST
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सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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कुल्लू। प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सबसे कठिन 18500 फीट ऊंची पहाड़ी में विराजमान श्रीखंड महादेव में पहुंचना अब आसान हो जाएगा। करीब नौ लाख की लागत से श्रीखंड को जाने वाले 35 किलोमीटर लंबे खतरनाक और जानलेवा रास्ते की मरम्मत की जाएगी।
श्रीखंड ट्रस्ट ने रास्ते के निर्माण के लिए वन विभाग से एस्टीमेट मांगा था जिसे विभाग ने मंजूरी के लिए ट्रस्ट केे अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू को भेज दिया है। अब उपायुक्त इसको मंजूरी देने की तैयारी में हैं। प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लगने से इसकी मंजूरी नहीं हो पाई थी लेकिन अब इसकी मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट जुलाई 2018 को शुरू होने वाली श्रीखंड यात्रा से पहले इसका निर्माण करना चाहती है। ऐसे में मार्च-अप्रैल माह से रास्ते का काम भी शुरू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि श्रीखंड यात्रा में शामिल होने वाले देशभर के हजारों श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। भोलेनाथ के वासस्थली को पहुंचने के लिए भक्तों को 35 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई को पार कर यहां पहुंचना पड़ता है। हिमखंड से लदा यह रास्ता जगह-जगह खराब और खतरनाक होने से यहां कई श्रद्धालुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सिहंगाड़ से शुरू होने वाले यात्रा के पहले पड़ाव के बाद थाचडू और भीमडवार पड़ाव होकर गुजरना पड़ता है। श्रीखंड ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि श्रीखंड ट्रस्ट श्रीखंड महादेव को जाने वाले रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। वन विभाग से इसका एस्टीमेटम आ गया है जिसकी जल्द मंजूरी प्रदान की जाएगी।
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श्रीखंड ट्रस्ट ने रास्ते के निर्माण के लिए वन विभाग से एस्टीमेट मांगा था जिसे विभाग ने मंजूरी के लिए ट्रस्ट केे अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू को भेज दिया है। अब उपायुक्त इसको मंजूरी देने की तैयारी में हैं। प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लगने से इसकी मंजूरी नहीं हो पाई थी लेकिन अब इसकी मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रस्ट जुलाई 2018 को शुरू होने वाली श्रीखंड यात्रा से पहले इसका निर्माण करना चाहती है। ऐसे में मार्च-अप्रैल माह से रास्ते का काम भी शुरू हो जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि श्रीखंड यात्रा में शामिल होने वाले देशभर के हजारों श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। भोलेनाथ के वासस्थली को पहुंचने के लिए भक्तों को 35 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई को पार कर यहां पहुंचना पड़ता है। हिमखंड से लदा यह रास्ता जगह-जगह खराब और खतरनाक होने से यहां कई श्रद्धालुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सिहंगाड़ से शुरू होने वाले यात्रा के पहले पड़ाव के बाद थाचडू और भीमडवार पड़ाव होकर गुजरना पड़ता है। श्रीखंड ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि श्रीखंड ट्रस्ट श्रीखंड महादेव को जाने वाले रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। वन विभाग से इसका एस्टीमेटम आ गया है जिसकी जल्द मंजूरी प्रदान की जाएगी।
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