{"_id":"67ff932cc867c274980e94c2","slug":"16-shops-of-nirmand-sabji-mandi-have-been-waiting-for-traders-for-eight-years-kullu-news-c-89-1-klu1002-145582-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सब्जी मंडी निरमंड की 16 दुकानों को आठ साल से कारोबारियों का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सब्जी मंडी निरमंड की 16 दुकानों को आठ साल से कारोबारियों का इंतजार
Thu, 17 Apr 2025 06:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 17 Apr 2025 06:52 AM IST
विज्ञापन
कुल्लू। जिला कुल्लू के निरमंड में किसानों-बागवानों की सुविधा के लिए एपीएमसी ने करोड़ों रुपये खर्च कर मार्केट यार्ड और दुकानें तो बना लीं लेकिन यहां बनी दुकानें आठ साल से खाली चल रही हैं। सब्जी मंडी में बनी 18 दुकानों में से सिर्फ दो ही दुकानें कारोबारियों ने खरीदी हैं जबकि 16 दुकानों को लंबे समय से कारोबारियों का इंतजार है। इससे विपणन समिति कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति को नुकसान हो रहा है।
यहां किसानों-बागवानों की सुविधा के लिए एपीएमसी ने वर्ष 2016 में दो करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से 18 दुकानों और नीलामी मंच के साथ-साथ किसान विश्राम गृह का निर्माण किया है। अब आलम यह है कि इस सब्जी मंडी में बनाई गई दुकानों को अब कारोबारी नहीं मिल रहे हैं। एपीएमसी ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी अपनाई लेकिन कारोबारियों में इसको लेकर कोई रुचि नहीं दिख रही है। ऐसे में यदि आने वाले समय में भी यहां कारोबारियों में रुचि नहीं दिखी तो सब्जी मंडी पर संकट छा सकता है।
पहले जमीन खरीदी फिर किया निर्माण
निरमंड क्षेत्र के किसानों-बागवानों के लिए एपीएमसी ने पहले यहां जमीन की खरीद की और उसके बाद स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सरकार ने यहां दो करोड़ 25 लाख रुपये में दुकानें, नीलामी मंच और किसान विश्राम गृह का निर्माण किया, परंतु उसके बावजूद क्षेत्र के किसानों-बागवानों को यह मंडी रास नहीं आ रही है।
विज्ञापन
कब कितना सेब पहुंचा
वर्ष सेब के बाॅक्स
2021-22 3360
2022-23 38209
2023-24 10833
2024-25 31568
बॉक्स
बीते वर्ष मात्र 41 लाख 52 हजार रुपये आय
एपीएमसी के लिए यह सब्जी मंडी घाटे का सौदा साबित हो रही है। इतने वर्षों में जहां इस सब्जी मंडी में बहुत ही कम संख्या में सेब की पेटियां पहुंची हैं। उससे एपीएमसी को शुल्क और अन्य स्रोतों से होने वाली आय बीते वर्ष 41 लाख 52 हजार रुपये मात्र है।
निरमंड सब्जी मंडी में दुकानों की नीलामी के लिए बार-बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है लेकिन कारोबारी नहीं आ रहे हैं। जिस कारण दुकानें खाली हैं और अब जो भी इच्छुक दुकानदार यहां किसी भी तरह की दुकान चलाना चाहता है। उन्हें दे दी जाएंगी।
-शगुन सूद, सचिव एपीएमसी, कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति।
विज्ञापन
यहां किसानों-बागवानों की सुविधा के लिए एपीएमसी ने वर्ष 2016 में दो करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से 18 दुकानों और नीलामी मंच के साथ-साथ किसान विश्राम गृह का निर्माण किया है। अब आलम यह है कि इस सब्जी मंडी में बनाई गई दुकानों को अब कारोबारी नहीं मिल रहे हैं। एपीएमसी ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी अपनाई लेकिन कारोबारियों में इसको लेकर कोई रुचि नहीं दिख रही है। ऐसे में यदि आने वाले समय में भी यहां कारोबारियों में रुचि नहीं दिखी तो सब्जी मंडी पर संकट छा सकता है।
विज्ञापन
पहले जमीन खरीदी फिर किया निर्माण
निरमंड क्षेत्र के किसानों-बागवानों के लिए एपीएमसी ने पहले यहां जमीन की खरीद की और उसके बाद स्वर्गीय वीरभद्र सिंह सरकार ने यहां दो करोड़ 25 लाख रुपये में दुकानें, नीलामी मंच और किसान विश्राम गृह का निर्माण किया, परंतु उसके बावजूद क्षेत्र के किसानों-बागवानों को यह मंडी रास नहीं आ रही है।
विज्ञापन
कब कितना सेब पहुंचा
वर्ष सेब के बाॅक्स
2021-22 3360
2022-23 38209
2023-24 10833
2024-25 31568
बॉक्स
बीते वर्ष मात्र 41 लाख 52 हजार रुपये आय
एपीएमसी के लिए यह सब्जी मंडी घाटे का सौदा साबित हो रही है। इतने वर्षों में जहां इस सब्जी मंडी में बहुत ही कम संख्या में सेब की पेटियां पहुंची हैं। उससे एपीएमसी को शुल्क और अन्य स्रोतों से होने वाली आय बीते वर्ष 41 लाख 52 हजार रुपये मात्र है।
निरमंड सब्जी मंडी में दुकानों की नीलामी के लिए बार-बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है लेकिन कारोबारी नहीं आ रहे हैं। जिस कारण दुकानें खाली हैं और अब जो भी इच्छुक दुकानदार यहां किसी भी तरह की दुकान चलाना चाहता है। उन्हें दे दी जाएंगी।
-शगुन सूद, सचिव एपीएमसी, कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति।