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चामुंडानगर के साथ लगते जंगल में लगी आग
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चामुंडानगर के जंगल में लगी आग, कई पेड़ झुलसे
आग से लाखों रुपये की वन संपदा खाक, विभाग के सभी दावे खोखले साबित
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय में नगर परिषद कुल्लू के तहत आने वाले चामुंडानगर में मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे आग लग गई। आग से दर्जनों पेड़ झुलस गए, जबकि लाखों की वन संपदा भी खाक हो गई। लेकिन बाद में बारिश होने से यह बुझ गई।
चीड़ के जंगल में लगी आग पर विभाग समय रहते काबू नहीं पा सका। हालांकि इन दिनों जंगल में लगने वाली आग को लेकर पहले ही वन विभाग अलर्ट पर हैं। लेकिन सुबह जब यहां पर आग लगी तो देखते ही देखते वह पूरे जंगल में भड़क गई। आग की चपेट में कई छोटे-बड़े पेड़ आए। चीड़ के पेड़ आग को जल्दी पकड़ते हैं। इसमें एक बार अगर आग लग जाती है तो उसे बुझाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि पिछले दिनों विभाग ने दावा किया था कि वन विभाग जंगलों में आग की घटनाओं से बचने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। लेकिन यह महज दावे ही साबित हो रहे हैं। तीन दिन पहले मौहल के पीछे पाहनाला सड़क में चीड़ के जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में जरूरी है कि वन विभाग न केवल आग पर काबू पाने के लिए बनाई योजनाओं को अमलीजामा पहनाएं, बल्कि फील्ड स्टाफ को भी चौकन्ना रहने के लिए निर्देश दें। तभी जंगलों में आग की घटनाओं पर काबू पाया जा सकता है।
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आग से लाखों रुपये की वन संपदा खाक, विभाग के सभी दावे खोखले साबित
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय में नगर परिषद कुल्लू के तहत आने वाले चामुंडानगर में मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे आग लग गई। आग से दर्जनों पेड़ झुलस गए, जबकि लाखों की वन संपदा भी खाक हो गई। लेकिन बाद में बारिश होने से यह बुझ गई।
चीड़ के जंगल में लगी आग पर विभाग समय रहते काबू नहीं पा सका। हालांकि इन दिनों जंगल में लगने वाली आग को लेकर पहले ही वन विभाग अलर्ट पर हैं। लेकिन सुबह जब यहां पर आग लगी तो देखते ही देखते वह पूरे जंगल में भड़क गई। आग की चपेट में कई छोटे-बड़े पेड़ आए। चीड़ के पेड़ आग को जल्दी पकड़ते हैं। इसमें एक बार अगर आग लग जाती है तो उसे बुझाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि पिछले दिनों विभाग ने दावा किया था कि वन विभाग जंगलों में आग की घटनाओं से बचने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। लेकिन यह महज दावे ही साबित हो रहे हैं। तीन दिन पहले मौहल के पीछे पाहनाला सड़क में चीड़ के जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में जरूरी है कि वन विभाग न केवल आग पर काबू पाने के लिए बनाई योजनाओं को अमलीजामा पहनाएं, बल्कि फील्ड स्टाफ को भी चौकन्ना रहने के लिए निर्देश दें। तभी जंगलों में आग की घटनाओं पर काबू पाया जा सकता है।
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