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रामशिला में भूस्खलन से डेढ घंटे तक लगा लंबा जाम
Updated Fri, 17 Aug 2018 07:32 PM IST
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रामशिला में डेढ़ घंटे तक लगा जाम
भूस्खलन से एनएच पर गिरा भारी मात्रा में मलबा और पत्थर
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/पतलीकूहल। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे यातायात के लिए सुगम नहीं रह गया है। जिला मुख्यालय के समीप रामशिला में शुक्रवार को एनएच से सटी पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हो गया। इससे सड़क पर अधिक मात्रा में पत्थर और मिट्टी आ गई, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक जाम लग गया
मलबा हटाने में संबंधित विभाग के भी पसीने छूट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद ही इस मार्ग को सुचारु किया जा सका। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। यातायात सुचारु होने में देर होती देख ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को वाम तट मार्ग की ओर से वाया नग्गर डाइवर्ट कर दिया। जानकारों का मानना है कि बरसात की वजह से सड़कों पर भूस्खलन हो रहा है। लेकिन जिस तरह से जल्दबाजी में नेशनल हाईवे को विस्तारित करने को खुदाई हुई है, वह भी भूस्खलन का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पहाड़ी की ओर नेशनल हाईवे की खुदाई के अनुपात में काफी छोटे-छोटे डंगे लगाए गए हैं। कई डंगों के ऊपर से मलबा नीचे गिरता रहता है। रामशिला, रायसन कैच फैक्टरी के सामने, डोहलूनाला, बड़ाग्रां पुल के समीप, बिंदू ढ़ांक, 15 मील, 16 मील, क्लाथ और बाहणू पुल के पास तो इतने ब्लैक स्पॉट बन गए हैं कि थोड़ी सी बारिश होने पर भी इन स्थानों पर पहाड़ी से पथर गिरना निश्चित रहता है। इससे अक्सर जाम की स्थित उत्पन्न हो जाती है। एसपी कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि यातायात सुचारु रखने को पुलिस को सख्त आदेश दिए गए हैं। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि प्रशासन को सेब सीजन में सड़कों में आवाजाही सुचारु बनाए रखने को कहा गया है।
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भूस्खलन से एनएच पर गिरा भारी मात्रा में मलबा और पत्थर
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/पतलीकूहल। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे यातायात के लिए सुगम नहीं रह गया है। जिला मुख्यालय के समीप रामशिला में शुक्रवार को एनएच से सटी पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हो गया। इससे सड़क पर अधिक मात्रा में पत्थर और मिट्टी आ गई, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक जाम लग गया
मलबा हटाने में संबंधित विभाग के भी पसीने छूट गए। करीब डेढ़ घंटे बाद ही इस मार्ग को सुचारु किया जा सका। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। यातायात सुचारु होने में देर होती देख ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को वाम तट मार्ग की ओर से वाया नग्गर डाइवर्ट कर दिया। जानकारों का मानना है कि बरसात की वजह से सड़कों पर भूस्खलन हो रहा है। लेकिन जिस तरह से जल्दबाजी में नेशनल हाईवे को विस्तारित करने को खुदाई हुई है, वह भी भूस्खलन का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पहाड़ी की ओर नेशनल हाईवे की खुदाई के अनुपात में काफी छोटे-छोटे डंगे लगाए गए हैं। कई डंगों के ऊपर से मलबा नीचे गिरता रहता है। रामशिला, रायसन कैच फैक्टरी के सामने, डोहलूनाला, बड़ाग्रां पुल के समीप, बिंदू ढ़ांक, 15 मील, 16 मील, क्लाथ और बाहणू पुल के पास तो इतने ब्लैक स्पॉट बन गए हैं कि थोड़ी सी बारिश होने पर भी इन स्थानों पर पहाड़ी से पथर गिरना निश्चित रहता है। इससे अक्सर जाम की स्थित उत्पन्न हो जाती है। एसपी कुल्लू शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि यातायात सुचारु रखने को पुलिस को सख्त आदेश दिए गए हैं। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि प्रशासन को सेब सीजन में सड़कों में आवाजाही सुचारु बनाए रखने को कहा गया है।
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