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ब्यास में दो माह के लिए रिवर राफ्टिंग बंद
Updated Sat, 14 Jul 2018 09:24 PM IST
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राफ्टिंग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। घाटी में करीब दो सप्ताह से मौसम आम तौर पर साफ चल रहा है। लेकिन रविवार से नियमानुसार ब्यास की धारा पर रिवर राफ्टिंग दो माह के लिए बंद होगी। अधिकारिक तौर पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक राफ्टिंग पर रोक रहेगी। पिछले माह हुई मानसून की बारिश के चलते रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग को बंद कर दिया था।
मौसम खुलते ही साहसिक गतिविधियों को बहाल कर दिया था। लेकिन 15 जुलाई से अब ये गतिविधियां घाटी में अगले दो माह तक के लिए नजर नहीं आएगी। हालांकि जिला कुल्लू में अभी तक मानसून की बारिश दो से तीन दिन ही हुई। इसके अलावा लगभग सूखा ही चल रहा है। ब्यास नदी का जल स्तर उफान पर है। राफ्टिंग प्वाइंट रायसन, बबेली व पिरड़ी में सन्नाटा पसर जाएगा। इन स्थलों में 200 से अधिक राफ्टों का संचालन होता है। इससे सैकड़ों युवाओं का रोजगार जुड़ा है। बाहरी राज्यों से कुल्लू मनाली पहुंच रहे सैलानी भी ब्यास की लहरों को देखकर रोमांचित हो उठते हैं। ब्यास में रॉफ्टिंग करना यहां पहुंच रहे पर्यटकों की पहली पसंद रहती है। सुरक्षा के साथ ब्यास की लहरों में रॉफ्टिंग की जाती है। लेकिन 15 जुलाई के बाद ब्यास का जल स्तर अधिक होने पर यह खतरे को देखते हुए इस पर दो माह के लिए प्रतिबंध लगाया जाता है। जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने कहा कि बरसात के लिए अधिकारिक तौर पर साहसिक गतिविधियां बंद रहेगी और 15 सितंबर तक कोई भी रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाईडिंग नहीं कर सकेगा। बरसात में ब्यास नदी पर रिवर राफ्टिंग करना जोखिम भरा रहता है। ऐसे में पर्यटकों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बंद के बावजूद अगर ब्यास नदी पर रिवर राफ्टिंग करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कुल्लू। घाटी में करीब दो सप्ताह से मौसम आम तौर पर साफ चल रहा है। लेकिन रविवार से नियमानुसार ब्यास की धारा पर रिवर राफ्टिंग दो माह के लिए बंद होगी। अधिकारिक तौर पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक राफ्टिंग पर रोक रहेगी। पिछले माह हुई मानसून की बारिश के चलते रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाइडिंग को बंद कर दिया था।
मौसम खुलते ही साहसिक गतिविधियों को बहाल कर दिया था। लेकिन 15 जुलाई से अब ये गतिविधियां घाटी में अगले दो माह तक के लिए नजर नहीं आएगी। हालांकि जिला कुल्लू में अभी तक मानसून की बारिश दो से तीन दिन ही हुई। इसके अलावा लगभग सूखा ही चल रहा है। ब्यास नदी का जल स्तर उफान पर है। राफ्टिंग प्वाइंट रायसन, बबेली व पिरड़ी में सन्नाटा पसर जाएगा। इन स्थलों में 200 से अधिक राफ्टों का संचालन होता है। इससे सैकड़ों युवाओं का रोजगार जुड़ा है। बाहरी राज्यों से कुल्लू मनाली पहुंच रहे सैलानी भी ब्यास की लहरों को देखकर रोमांचित हो उठते हैं। ब्यास में रॉफ्टिंग करना यहां पहुंच रहे पर्यटकों की पहली पसंद रहती है। सुरक्षा के साथ ब्यास की लहरों में रॉफ्टिंग की जाती है। लेकिन 15 जुलाई के बाद ब्यास का जल स्तर अधिक होने पर यह खतरे को देखते हुए इस पर दो माह के लिए प्रतिबंध लगाया जाता है। जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने कहा कि बरसात के लिए अधिकारिक तौर पर साहसिक गतिविधियां बंद रहेगी और 15 सितंबर तक कोई भी रिवर राफ्टिंग व पैराग्लाईडिंग नहीं कर सकेगा। बरसात में ब्यास नदी पर रिवर राफ्टिंग करना जोखिम भरा रहता है। ऐसे में पर्यटकों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बंद के बावजूद अगर ब्यास नदी पर रिवर राफ्टिंग करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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