{"_id":"669e4296ddbfc55039016d51","slug":"15-loss-to-cash-crops-due-to-drought-kullu-news-c-89-1-ssml1012-127242-2024-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सूखे से नगदी फसलों को 15% नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सूखे से नगदी फसलों को 15% नुकसान
विज्ञापन
कृषि विभाग कुल्लू ने तैयार की नुकसान की रिपोर्ट
10 दिन बारिश नहीं हुई तो और बढ़ेगा नुकसान
संवाद न्यूज एजेेंसी
कुल्लू। मई-जून में कम बारिश का असर जिले में फसलों पर देखने को मिला है। मौसम की बेरुखी के चलते किसानों और बागवानों की उम्मीदों को झटका लगा है। कम बारिश के चलते 52 हेक्टेयर भूमि में मक्की और नगदी फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें 35 हेक्टेयर भूमि में नगदी फसलें हैं जबकि 17 हेक्टेयर भूमि में मक्की की फसल है। अभी तक फसलों का नुकसान सिर्फ 10 से 15 फीसदी के बीच हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 10 दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहते हैं तो नुकसान और बढ़ेगा। अभी तक हुए नुकसान की कृषि विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई है।
जिले में मक्की की बिजाई 9,000 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है। किसान मक्की के साथ राजमा, माश आदि दालों की भी बिजाई करते हैं। इन दिनों जिले में टमाटर निकल रहा है। खराहल, लोअर कुल्लू, पार्वती घाटी, सैंज और बंजार के कई क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा नहीं है, वहां टमाटर के पौधे सूख रहे हैं। ऐसे में किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है। अन्य नगदी फसलों पर भी कम बारिश का असर हुआ है। किसान और बागवान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, कब उम्मीद के बादल बरसेंगे और उनके खेत पानी से तर होंगे।
किसान केहर सिंह ठाकुर, नरोतम राम और प्यारे लाल ने कहा कि मई और जून में कम बारिश से फसलों को क्षति पहुंची है। जुलाई में भी किसानों को निराशा हाथ लगी है। बारिश की बूंदाबांदी से आगे बादल नहीं बरस रहे हैं, जिससे फसलें सूखने लगी हैं।
विज्ञापन
....
अभी तक हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाई है। अगर आने वाले 10 दिनों में भी बारिश नहीं होती है तो नुकसान और बढ़ेगा। विभाग की ओर से फील्ड से डाटा मंगवाकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बारिश कम होने से फसलों को नुकसान हुआ है।
-सुशील शर्मा, कृषि उपनिदेशक कुल्लू
000
विज्ञापन
10 दिन बारिश नहीं हुई तो और बढ़ेगा नुकसान
संवाद न्यूज एजेेंसी
कुल्लू। मई-जून में कम बारिश का असर जिले में फसलों पर देखने को मिला है। मौसम की बेरुखी के चलते किसानों और बागवानों की उम्मीदों को झटका लगा है। कम बारिश के चलते 52 हेक्टेयर भूमि में मक्की और नगदी फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें 35 हेक्टेयर भूमि में नगदी फसलें हैं जबकि 17 हेक्टेयर भूमि में मक्की की फसल है। अभी तक फसलों का नुकसान सिर्फ 10 से 15 फीसदी के बीच हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 10 दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहते हैं तो नुकसान और बढ़ेगा। अभी तक हुए नुकसान की कृषि विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई है।
जिले में मक्की की बिजाई 9,000 हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है। किसान मक्की के साथ राजमा, माश आदि दालों की भी बिजाई करते हैं। इन दिनों जिले में टमाटर निकल रहा है। खराहल, लोअर कुल्लू, पार्वती घाटी, सैंज और बंजार के कई क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा नहीं है, वहां टमाटर के पौधे सूख रहे हैं। ऐसे में किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है। अन्य नगदी फसलों पर भी कम बारिश का असर हुआ है। किसान और बागवान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, कब उम्मीद के बादल बरसेंगे और उनके खेत पानी से तर होंगे।
विज्ञापन
किसान केहर सिंह ठाकुर, नरोतम राम और प्यारे लाल ने कहा कि मई और जून में कम बारिश से फसलों को क्षति पहुंची है। जुलाई में भी किसानों को निराशा हाथ लगी है। बारिश की बूंदाबांदी से आगे बादल नहीं बरस रहे हैं, जिससे फसलें सूखने लगी हैं।
विज्ञापन
....
अभी तक हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाई है। अगर आने वाले 10 दिनों में भी बारिश नहीं होती है तो नुकसान और बढ़ेगा। विभाग की ओर से फील्ड से डाटा मंगवाकर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बारिश कम होने से फसलों को नुकसान हुआ है।
-सुशील शर्मा, कृषि उपनिदेशक कुल्लू
000