फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   स्लम एरिया में जगाई शिक्षा की लौ, बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाया

स्लम एरिया में जगाई शिक्षा की लौ, बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाया

Thu, 07 Mar 2019 07:06 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Thu, 07 Mar 2019 07:06 PM IST
विज्ञापन
स्लम एरिया में जगाई शिक्षा की लौ, बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाया
बच्चों के साथ धनेश्वरी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। इस बात को कुल्लू जिला की धनेश्वरी से सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने जिला मुख्यालय के स्लम एरिया में शिक्षा की लौ जलाई। बच्चों और उनके अभिभावकों को पढ़ाई के प्रति जागरूक किया। इससे पहले यहां रहने वाले बच्चों के लिए शिक्षा महज एक सपना था। लेकिन धनेश्वरी के प्रयासों ने आज स्लम एरिया के 31 बच्चों को इस काबिल बनाया है कि वे पढ़ना-लिखना जानते हैं। स्कूल जाते हैं और अच्छी ग्रेड से पास भी हो रहे हैं। वह खेल-खेल में बच्चों को शिक्षा का ज्ञान दे रही है। वह स्वच्छता के प्रति भी बच्चों और अन्य लोगों को जागरूक कर रही है।
विज्ञापन

जिला कुल्लू के गांव चिपणी, डाकघर बठाहड़, तहसील बंजार में लग्र चंद और देवकु देवी के घर जन्मी धनेश्वरी (21) समाजसेवा कर रही है। धनेश्वरी ने कॉलेेज में पढ़ाई करने के साथ-साथ कुछ अलग करने की सोची। धनेश्वरी ने जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर रामशिला के पास लुगड़भट्ठी में स्लम एरिया के बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। उस समय वह अकेली थी। अभिभावकों के साथ बातचीत कर बच्चों की रोज कक्षाएं लेना आरंभ कर दिया। इसके लिए उन्होंने कोई शुल्क भी नहीं लिया। तब से लेकर आज तक वह रोजाना चार से छह बजे तक स्लम एरिया के बच्चों को पढ़ा रही है। शुरूआत में कॉलेज में पढ़ने वाली लड़की के लिए यह सब करना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे। स्नातक करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही धनेश्वरी कहती है कि वह जब भी इन बच्चों को देखती थी तो लगता था कि इन बच्चों को भी शिक्षा का हक है। उनको पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके बाद उन्होंने बच्चों को निशुल्क पढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने इस मुहिम को समर्पण का नाम दिया। स्लम एरिया के बच्चों की रोजाना दो घंटे क्लास के अलावा रविवार को अन्य गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। आज वह अन्य लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
विज्ञापन


नहीं मांगी किसी से मदद, आज जुड़ गए अन्य साथ
धनेश्वरी का हौसला देखिए उन्होंने इस काम के लिए किसी से मदद नहीं मांगी। हालांकि बाद में उनके साथ नीतू, अविनाश, निशा, सोहन, घनश्याम, अंकिता राय, हरीश, निशा, आशू जुड़ गए। कार सेवा दल कुल्लू इस सराहनीय कार्य के लिए धनेश्वरी को सम्मानित कर चुका है। जिला प्रशासन की ओर से अब तक उनको कोई सम्मान नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नरेश ने राज्य स्तरीय जूनियर फुटबाल प्रतियोगिता में लिया हिस्सा
कुल्लू। धनेश्वरी हर रविवार को बच्चों से अतिरिक्त गतिविधियां करवाती है। रविवार को होने वाली गतिविधियों में बच्चों को कविताएं पढ़कर सुनाना, खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिता शामिल होती हैं। इसी वर्ष सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले नरेश ने राज्य स्तरीय जूनियर फुटबाल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है, जबकि अन्य बच्चे भी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो रहे हैं।


स्पेशल क्लास में होता है होमवर्क पूरा
धनेश्वरी की स्पेशल क्लास में बच्चे रोजाना अपना स्कूल का होमवर्क पूरा करते हैं। बच्चों को धनेश्वरी से अधिक लगाव है। बच्चे धनेश्वरी को अपनी अध्यापिका समझते हैं। धनेश्वरी भी बच्चों को बहुत प्यार करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed