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हिमखंड गिरने से दबे दो बच्चे, दो मजदूर
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केलांग में हिमपात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। हिमखंड गिरने से दो मजदूर और उनके दो बच्चे बर्फ में दबकर घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। गनीमत रही कि साथ के घरों में रह रहे कुछ स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को बचा लिया। केलांग से मनाली की तरफ करीब 20 किमी दूर गोंधला क्षेत्र के शेलटू में वीरवार रात करीब तीन बजे अचानक हिमखंड गिर गया।
हिमखंड महिला मंडल भवन का दीवार तोड़ कर अंदर जा घुसा। यहां पर दो नेपाली मजदूर अपने दो बच्चों के साथ रह रहे थे। हिमखंड में यह चारों दब गए। हिमखंड की आवाज सुन कर पड़ौस के कुछ गांव वाले जाग उठे और मौके पर पहुंचे तो पता चला कि चारों बर्फ में दब गए हैं। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सभी को बर्फ से बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए गोंधला अस्पताल पहंचाया गया। सड़क पर पार्क किए दो वाहन भी हिमखंड की चपेट में आ गए। हिमखंड की गोंधला हेलीपैड के प्रभारी नंदलाल ने सेटेलाइट फोन के माध्यम से सिस्सू पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी। सिस्सू पुलिस चौकी ने फिर वायरलेस सेट के माध्यम से घटना की सूचना केलांग पुलिस कंट्रोल रूम को भेजी। उपायुक्त अश्वनी कुमार चौधरी में हिमखंड में चार लोगों के दबने की पुष्टि की है। बताया कि अब चारों खतरे से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि गोंधला क्षेत्र में पिछले दो दिनों के भीतर करीब साढ़े पांच फीट बर्फ गिरी है। घाटी के भीतर सभी सड़कें बंद होने से रेस्क्यू टीम का घटना स्थल पर पहुंचना भी संभव नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने हिमखंड गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है।
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। हिमखंड गिरने से दो मजदूर और उनके दो बच्चे बर्फ में दबकर घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। गनीमत रही कि साथ के घरों में रह रहे कुछ स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को बचा लिया। केलांग से मनाली की तरफ करीब 20 किमी दूर गोंधला क्षेत्र के शेलटू में वीरवार रात करीब तीन बजे अचानक हिमखंड गिर गया।
हिमखंड महिला मंडल भवन का दीवार तोड़ कर अंदर जा घुसा। यहां पर दो नेपाली मजदूर अपने दो बच्चों के साथ रह रहे थे। हिमखंड में यह चारों दब गए। हिमखंड की आवाज सुन कर पड़ौस के कुछ गांव वाले जाग उठे और मौके पर पहुंचे तो पता चला कि चारों बर्फ में दब गए हैं। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सभी को बर्फ से बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए गोंधला अस्पताल पहंचाया गया। सड़क पर पार्क किए दो वाहन भी हिमखंड की चपेट में आ गए। हिमखंड की गोंधला हेलीपैड के प्रभारी नंदलाल ने सेटेलाइट फोन के माध्यम से सिस्सू पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी। सिस्सू पुलिस चौकी ने फिर वायरलेस सेट के माध्यम से घटना की सूचना केलांग पुलिस कंट्रोल रूम को भेजी। उपायुक्त अश्वनी कुमार चौधरी में हिमखंड में चार लोगों के दबने की पुष्टि की है। बताया कि अब चारों खतरे से बाहर हैं। बताया जा रहा है कि गोंधला क्षेत्र में पिछले दो दिनों के भीतर करीब साढ़े पांच फीट बर्फ गिरी है। घाटी के भीतर सभी सड़कें बंद होने से रेस्क्यू टीम का घटना स्थल पर पहुंचना भी संभव नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने हिमखंड गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है।
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