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एक दूसरे पर राख फेंकर मनाई छार दियाली
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छार दियाली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। होली पर एक-दूसरे पर रंग फेंकने की बात तो आम है। लेकिन पार्वती वैली के तलपीणी में छार दियाली में एक-दूसरे पर रंग नहीं, बल्कि राख फेंकी जाती है। जी हां यहां माता भागासिद्ध के सम्मान में मनाई गई छार दियाली के मौके पर यह अद्भुत नजारा देखने को मिला। अश्लील जुमलों के साथ लोगों ने दूसरे पर राख फेंककर छार दियाली मनाई। ऐसा बुरी शक्तियों को दूर भगाने के लिए किया गया। स्वांग रचाकर भी दियाली में आए हुए मेहमानों का भरपूर मनोरंजन भी किया गया। इस नजारे को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
देव नियमों में रहकर ही दुर्गम क्षेत्र पीणी में मंगलवार को अनूठी रस्म का निर्वहन किया गया। तलपीणी में देवी के वाद्य यंत्रों की धुन पर हर घर से ग्रामीण अपने साथ राख लेकर आए। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए हुए लोगों पर राख को फेंका गया। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश, गुरदयाल, और देव ने कहा कि मकर संक्रांति के एक दिन बाद तलपीणी में छार दियाली मनाई जाती है। इसको लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है। छार दियाली में राख को होली के रंगों की तरह एक दूसरे पर फेंका गया। राख का शरीर पर लगना शुभकारी माना जाता है। आयोजन के लिए राख को लोग एक माह पहले ही अपने घरों में जमा करना शुरू कर देते हैं। दियाली के दिन अपने-अपने घरों में जमा की गई राख को लेकर उत्सव स्थल पर पहुंचते हैं। इशारा मिलने के बाद ही इसे एक दूसरे पर फेंका जाता है। माता भागासिद्ध के पुजारी मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि सदियों से इस परंपरा का निर्वहन हो रहा है। आयोजन में दर्जनों गांवों के लोग शिरकत करने पहुंचे।
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कुल्लू। होली पर एक-दूसरे पर रंग फेंकने की बात तो आम है। लेकिन पार्वती वैली के तलपीणी में छार दियाली में एक-दूसरे पर रंग नहीं, बल्कि राख फेंकी जाती है। जी हां यहां माता भागासिद्ध के सम्मान में मनाई गई छार दियाली के मौके पर यह अद्भुत नजारा देखने को मिला। अश्लील जुमलों के साथ लोगों ने दूसरे पर राख फेंककर छार दियाली मनाई। ऐसा बुरी शक्तियों को दूर भगाने के लिए किया गया। स्वांग रचाकर भी दियाली में आए हुए मेहमानों का भरपूर मनोरंजन भी किया गया। इस नजारे को देखने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
देव नियमों में रहकर ही दुर्गम क्षेत्र पीणी में मंगलवार को अनूठी रस्म का निर्वहन किया गया। तलपीणी में देवी के वाद्य यंत्रों की धुन पर हर घर से ग्रामीण अपने साथ राख लेकर आए। स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए हुए लोगों पर राख को फेंका गया। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश, गुरदयाल, और देव ने कहा कि मकर संक्रांति के एक दिन बाद तलपीणी में छार दियाली मनाई जाती है। इसको लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है। छार दियाली में राख को होली के रंगों की तरह एक दूसरे पर फेंका गया। राख का शरीर पर लगना शुभकारी माना जाता है। आयोजन के लिए राख को लोग एक माह पहले ही अपने घरों में जमा करना शुरू कर देते हैं। दियाली के दिन अपने-अपने घरों में जमा की गई राख को लेकर उत्सव स्थल पर पहुंचते हैं। इशारा मिलने के बाद ही इसे एक दूसरे पर फेंका जाता है। माता भागासिद्ध के पुजारी मोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि सदियों से इस परंपरा का निर्वहन हो रहा है। आयोजन में दर्जनों गांवों के लोग शिरकत करने पहुंचे।
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