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ढालपुर, कोर्ट परिसर के बाहर गंदगी के ढेर
Updated Wed, 14 Nov 2018 06:07 PM IST
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गंदगी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन रहे कुल्लू के जिला मुख्यालय में कूड़े कचरे के ढेर लग गए हैं। ढालपुर मैदान कूड़े की डंपिंग साइट में तबदील हो गया है। 2017 को जिला कुल्लू स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में नंबर वन रहा। 2018 में राष्ट्रीय शहरी अजीविका मिशन के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। लेकिन पिछले दो माह से ढालपुर की साफ-सफाई पूरी तरह से बिगड़ गई है।
ढालपुर समेत जिला मुख्यालय के मुख्य चौकों के साथ ढालपुर मैदान, मिनी सचिवालय तथा कोर्ट परिसर के बाहर गंदगी के ढेर लगे हैं। कुल्लू कोर्ट परिसर के बाहर गंदगी पसरी होने से वकीलों में जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष है। दशहरा को लगी दुकानों से निकले ठोस कचरे से ढालपुर के सौंदर्य को भी ग्रहण लग गया है। इसको लेकर पर्यावरणविद के साथ शहर के बुद्धिजीवी वर्ग ने भी जिला प्रशासन पर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं है। 15 सितंबर को पिरड़ी कूड़ा संयंत्र के खिलाफ स्थानीय लोगों के विरोध के बाद जिला मुख्यालय में गंदगी अधिक पसर गई है। इससे शहर में पर्यटकों व आम लोगों को आवाजाही करना मुश्किल हो गई है। जिला प्रशासन व नप कुल्लू इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एडवोकेट विशाल ठाकुर, शमशेर ठाकुर, जगदीश ठाकुर, शैलेंद्र मोहन, लाल सिंह ठाकुर, सुभाष कुमार तथा राजेंद्र ने कहा कि कोर्ट परिसर के बाहर दो महीने से कूड़े के ढेर लगे हैं। लेकिन प्रशासन और नगर परिषद चुप हैं। उन्होंने कहा कि ढालपुर में बिखरा कूड़ा कचरा बुहत गंदा लग रहा है। दशहरा बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने शहर की साफ-सफाई को लेकर कई दावे किए थे। लेकिन स्वच्छता में नंबर कुल्लू ने सारे दावे खोखले साबित हो गए हैं।
उठाने के बजाय जलाया जा रहा ठोस कचरा
कुल्लू। दशहरा की अस्थायी मार्किट से निकले भारी ठोस कचरे को उठाने की बजाय ढालपुर मैदान में ही जलाया जा रहा है। यह एनजीटी के आदेशों की अवहेलना है और पूरे वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। पर्यावरणविद अभिषेक राय ने कहा कि खुले में ठोस कचरा जलाना कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
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स्वच्छता के क्षेत्र में कुल्लू रहा है नंबर वन
कुल्लू। वर्ष 2017 में केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने कुल्लू जिले को कचरा प्रबंधक एवं साफ-सफाई के मामले में नंबर वन घोषित किया था। इसके बाद इसी वर्ष राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत कुल्लू को एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया है।
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कुल्लू। स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन रहे कुल्लू के जिला मुख्यालय में कूड़े कचरे के ढेर लग गए हैं। ढालपुर मैदान कूड़े की डंपिंग साइट में तबदील हो गया है। 2017 को जिला कुल्लू स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में नंबर वन रहा। 2018 में राष्ट्रीय शहरी अजीविका मिशन के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। लेकिन पिछले दो माह से ढालपुर की साफ-सफाई पूरी तरह से बिगड़ गई है।
ढालपुर समेत जिला मुख्यालय के मुख्य चौकों के साथ ढालपुर मैदान, मिनी सचिवालय तथा कोर्ट परिसर के बाहर गंदगी के ढेर लगे हैं। कुल्लू कोर्ट परिसर के बाहर गंदगी पसरी होने से वकीलों में जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष है। दशहरा को लगी दुकानों से निकले ठोस कचरे से ढालपुर के सौंदर्य को भी ग्रहण लग गया है। इसको लेकर पर्यावरणविद के साथ शहर के बुद्धिजीवी वर्ग ने भी जिला प्रशासन पर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं है। 15 सितंबर को पिरड़ी कूड़ा संयंत्र के खिलाफ स्थानीय लोगों के विरोध के बाद जिला मुख्यालय में गंदगी अधिक पसर गई है। इससे शहर में पर्यटकों व आम लोगों को आवाजाही करना मुश्किल हो गई है। जिला प्रशासन व नप कुल्लू इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। एडवोकेट विशाल ठाकुर, शमशेर ठाकुर, जगदीश ठाकुर, शैलेंद्र मोहन, लाल सिंह ठाकुर, सुभाष कुमार तथा राजेंद्र ने कहा कि कोर्ट परिसर के बाहर दो महीने से कूड़े के ढेर लगे हैं। लेकिन प्रशासन और नगर परिषद चुप हैं। उन्होंने कहा कि ढालपुर में बिखरा कूड़ा कचरा बुहत गंदा लग रहा है। दशहरा बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने शहर की साफ-सफाई को लेकर कई दावे किए थे। लेकिन स्वच्छता में नंबर कुल्लू ने सारे दावे खोखले साबित हो गए हैं।
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उठाने के बजाय जलाया जा रहा ठोस कचरा
कुल्लू। दशहरा की अस्थायी मार्किट से निकले भारी ठोस कचरे को उठाने की बजाय ढालपुर मैदान में ही जलाया जा रहा है। यह एनजीटी के आदेशों की अवहेलना है और पूरे वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। पर्यावरणविद अभिषेक राय ने कहा कि खुले में ठोस कचरा जलाना कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
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स्वच्छता के क्षेत्र में कुल्लू रहा है नंबर वन
कुल्लू। वर्ष 2017 में केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने कुल्लू जिले को कचरा प्रबंधक एवं साफ-सफाई के मामले में नंबर वन घोषित किया था। इसके बाद इसी वर्ष राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत कुल्लू को एक्सीलेंस अवार्ड से नवाजा गया है।