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सेब में काले दाग पड़ने से बागवान चिंतित

Mon, 09 Jul 2018 10:13 PM IST
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:13 PM IST
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सेब में काले दाग पड़ने से बागवान चिंतित
सेब - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू/खराहल। मौसम अनुकूल न रहने से सेब की फसल पर कई बीमारियों ने हमला बोल दिया है। एकाएक ठंड और फिर तापमान में बढ़ोतरी से सेब और अन्य फसलों पर कीट पतंगें कहर बरपा रहे हैं। घाटी के कई बगीचों में अब सेब की डंडी की जगह पर काले दाग बन रहे हैं। यह समस्या कई बागवानों के बाग में पनप रही है। ऐसे में फल ए श्रेणी का न रहकर बी ग्रेड का बन रहा है।

सेब में काले दाग पड़ने से बागवानों की चिंता बढ़ रही है। बागवानों को कहना है कि जो बगीचे पहले सूखे की चपेट में थे, वहां बीमारी ज्यादा दिख रही है। ऐसे में सेब के दाम भी मार्केट में कम मिल सकते हैं। घाटी के बागवान अमित ठाकुर, ज्ञान ठाकुर, राम नाथ, सतीश ठाकुर, वीर सिंह, रितेश, नवीन, कर्म चंद, सुरेश, चमन, मुनीष भंडारी, बुद्धि प्रकाश शर्मा ने कहा कि इससे पूर्व कई बगीचों में फल पकने से पहले ही फट भी चुके हैं। अब उनके बगीचों में कई फल डंडी के स्थान पर काले हो रहे हैं। इससे फल को नुकसान हो रहा है। फल की गुणवत्ता पर भी असर हो रहा है। ऐसे में मंडियों में इन फलों के दाम उम्दा नहीं मिल पाएंगे। बीमारी के कारण बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। उधर, उद्यान विकास अधिकारी कुल्लू उत्तम पराशर ने कहा कि सूखे के कारण बोरोन और जिंक की कमी को भूमि से पौधा पूरी नहीं कर सका। इसके कारण फल में यह समस्या हो सकती है। सूखे के समय बागवानों को तौलिए में चार से छह इंच की मलचिंग करनी अति आवश्यक है। इससे बगीचों में नमी बरकरार रहती है। उन्होंने बागवानों को सलाह दी है अन्य फलों को नुकसान न हो इसके लिए विशेषज्ञों की राय के मुताबिक ही स्प्रे करें।
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