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सात दशकों से पक्की नहीं हुई खनाग-रोहाचला सड़क
Updated Sat, 02 Dec 2017 07:30 PM IST
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सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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कुल्लू। खनाग-रोहाचला सड़क 21वीं सदी में भी पक्की नहीं हो सकी है। खनाग से दस किलोमीटर लंबी सड़क में जगह-जगह गड्ढे पड़े होने के कारण कई जगहों पर सड़क दलदल बनी हुई है। सर्दी और बरसात के दिनों से इन जगहों पर निगम की बस सहित अन्य सामान से लदे वाहन यहां फंस जाते हैं।
बरसात के दिनों कई बार रोहाचला रूट पर चलने वाली निगम की बस यहां से आगे नहीं जा पाती है और सवारियों को चार से पांच किलोमीटर तक पैदल अपने गंतव्य जाना पड़ता है। सेब और लहसुन के सीजन में भी कई वाहन यहां फंसे रहते हैं। बरसात व जाड़े के दिनों इस रूट पर बस व अन्य वाहनों को चलाना किसी खतरे से खाली नहीं है। सड़क की टारिंग न होने रघुपुर घाटी की सात पंचायतों में सरकार व लोक निर्माण विभाग के प्रति भारी रोष है।
घाटी की करशैईगाड, टकरासी, फनौटी, लगौटी, खनाग, मुहान तथा कराड़ पंचायतों के उतरी गांव के लोगों की जीवन रेखा कही जाने वाली सड़क हादसे को न्योता दे रही है। इन पंचायतों के लोग जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ उपमंडल मुख्यालय आनी पहुंचने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं परंतु सड़क की दशा को सुधारने के लिए अभी तक लोनिवि ने कोई पहल नहीं की है। घाटीवासी हीरा लाल, जगदीश ठाकुर, लाल चंद ठाकुर, उगम राम, दिवान सिंह, मेहर चंद, मोहन ठाकुर, खेम राज, बिट्टू नेगी, सोहन लाल नेगी तथा गोविंद सिंह के अनुसार घाटी की सात पंचायतों के साथ यह रोड पर्यटन स्थल टकरासी व शुश के साथ कोटनाला व माशनूनाला के बंद होने से लोग विकल्प के रूप में इस सड़क होकर रामपुर, किन्नौर व शिमला जाते हैं। सड़क की दशा को सुधारने के लिए सरकार, जिला प्रशासन व लोनिवि को गंभीर होना चाहिए और जल्द ही इसकी टारिंग की जानी चाहिए। उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता डीपी काश्यप ने कहा कि सर्दी के बाद लोनिवि अपने स्तर पर खराब प्वाइंटों की सोलिंग करेगा। टारिंग के लिए प्लान तैयार किया जाएगा।
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बरसात के दिनों कई बार रोहाचला रूट पर चलने वाली निगम की बस यहां से आगे नहीं जा पाती है और सवारियों को चार से पांच किलोमीटर तक पैदल अपने गंतव्य जाना पड़ता है। सेब और लहसुन के सीजन में भी कई वाहन यहां फंसे रहते हैं। बरसात व जाड़े के दिनों इस रूट पर बस व अन्य वाहनों को चलाना किसी खतरे से खाली नहीं है। सड़क की टारिंग न होने रघुपुर घाटी की सात पंचायतों में सरकार व लोक निर्माण विभाग के प्रति भारी रोष है।
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घाटी की करशैईगाड, टकरासी, फनौटी, लगौटी, खनाग, मुहान तथा कराड़ पंचायतों के उतरी गांव के लोगों की जीवन रेखा कही जाने वाली सड़क हादसे को न्योता दे रही है। इन पंचायतों के लोग जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ उपमंडल मुख्यालय आनी पहुंचने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं परंतु सड़क की दशा को सुधारने के लिए अभी तक लोनिवि ने कोई पहल नहीं की है। घाटीवासी हीरा लाल, जगदीश ठाकुर, लाल चंद ठाकुर, उगम राम, दिवान सिंह, मेहर चंद, मोहन ठाकुर, खेम राज, बिट्टू नेगी, सोहन लाल नेगी तथा गोविंद सिंह के अनुसार घाटी की सात पंचायतों के साथ यह रोड पर्यटन स्थल टकरासी व शुश के साथ कोटनाला व माशनूनाला के बंद होने से लोग विकल्प के रूप में इस सड़क होकर रामपुर, किन्नौर व शिमला जाते हैं। सड़क की दशा को सुधारने के लिए सरकार, जिला प्रशासन व लोनिवि को गंभीर होना चाहिए और जल्द ही इसकी टारिंग की जानी चाहिए। उधर, लोनिवि के सहायक अभियंता डीपी काश्यप ने कहा कि सर्दी के बाद लोनिवि अपने स्तर पर खराब प्वाइंटों की सोलिंग करेगा। टारिंग के लिए प्लान तैयार किया जाएगा।
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