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माता भद्रकाली ने रुद्रनाग में किया पवित्र स्नान
Updated Tue, 26 Jun 2018 09:52 PM IST
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माता भद्रकाली ने रुद्रनाग में किया स्नान
पवित्र स्नान के भव्य नजारे को देखने उमड़े श्रद्धालु
माता ने मणिकर्ण राम मंदिर में किया रात्रि विश्राम
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। देवभूमि कुल्लू में देवी-देवताओं की सदियों पुरानी देव परंपराओं का निर्वहन आज भी हो रहा है। ऐसी ही एक परंपरा का निर्वहन पार्वती वैली के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रूद्रनाग में किया गया। जहां पर माता भद्रकाली ने सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ ढोल नगाड़ों की थाप पर पवित्र स्नान किया। इस भव्य नजारे को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
इससे पूर्व माता भद्रकाली तेगूबेहड़ मंदिर से हारियानों एवं ढोल नगाड़ों के साथ रुद्रनाग के लिए रवाना हुई थी। माता द्रकाली के साथ सैकड़ों हारियानों ने भी आस्था की डुबकी लगाई। माता भद्रकाली के गुर आशु ने कहा कि मणिकर्ण राम मंदिर में रात्रि विश्राम किया गया। अगली माता की विशेष सुबह पूजा के बाद रुद्रनाग के लिए प्रस्थान किया।
इस संबंध में माता के पुजारी अमित महंत ने कहा कि देव परंपरा का निर्वहन करते हुए माता भद्रकाली ने रुद्रनाग में पवित्र स्नान किया। तीर्थ स्थल पर हवन कर पूर्णाहुति दी गई। इसके साथ ही ब्रह्मभोज का भी आयोजन किया गया। पवित्र स्नान करने को लेकर हारियानों में भी खुशी की लहर है।
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वहीं माता भद्रकाली ने भी गूर के माध्यम से भक्तों को सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद भी दिया है। उन्होंने कहा कि पवित्र स्नान के बाद माता अपने देवालय लौटेंगी। देवालय लौटने पर मंदिर में देव परंपरा का निर्वहन भी किया जाएगा। हारियानों ने भी माता के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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पवित्र स्नान के भव्य नजारे को देखने उमड़े श्रद्धालु
माता ने मणिकर्ण राम मंदिर में किया रात्रि विश्राम
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। देवभूमि कुल्लू में देवी-देवताओं की सदियों पुरानी देव परंपराओं का निर्वहन आज भी हो रहा है। ऐसी ही एक परंपरा का निर्वहन पार्वती वैली के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रूद्रनाग में किया गया। जहां पर माता भद्रकाली ने सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ ढोल नगाड़ों की थाप पर पवित्र स्नान किया। इस भव्य नजारे को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
इससे पूर्व माता भद्रकाली तेगूबेहड़ मंदिर से हारियानों एवं ढोल नगाड़ों के साथ रुद्रनाग के लिए रवाना हुई थी। माता द्रकाली के साथ सैकड़ों हारियानों ने भी आस्था की डुबकी लगाई। माता भद्रकाली के गुर आशु ने कहा कि मणिकर्ण राम मंदिर में रात्रि विश्राम किया गया। अगली माता की विशेष सुबह पूजा के बाद रुद्रनाग के लिए प्रस्थान किया।
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इस संबंध में माता के पुजारी अमित महंत ने कहा कि देव परंपरा का निर्वहन करते हुए माता भद्रकाली ने रुद्रनाग में पवित्र स्नान किया। तीर्थ स्थल पर हवन कर पूर्णाहुति दी गई। इसके साथ ही ब्रह्मभोज का भी आयोजन किया गया। पवित्र स्नान करने को लेकर हारियानों में भी खुशी की लहर है।
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वहीं माता भद्रकाली ने भी गूर के माध्यम से भक्तों को सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद भी दिया है। उन्होंने कहा कि पवित्र स्नान के बाद माता अपने देवालय लौटेंगी। देवालय लौटने पर मंदिर में देव परंपरा का निर्वहन भी किया जाएगा। हारियानों ने भी माता के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं।