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जिला के मंदिरों में आज से उमड़ेगा आस्था का सैलाब
Updated Sat, 17 Mar 2018 10:23 PM IST
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जिला के मंदिरों में आज से
उमड़ेगा आस्था का सैलाब
पहले नवरात्र में होगी शैलपुत्री की पूजा, मंदिरों में तैयारियां पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। चैत्र नवरात्र के पहले दिन दुर्गा मां के मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों का तांता लगेगा। घाटी के मंदिर माता जगन्नाथी भुवनेश्वरी पुईद और माता भुवनेश्वरी भेखली के मंदिरों में विशेष आरती और पूजा पाठ की जाएगी। इस मौके पर माता के विशेष कारनू भी मंदिर में मौजूद रहे।
वहीं देवी दशमी वारदा, न्योली रानी माता, वैष्णो माता, शीतला माता, देवी हिंडिबा, देवी पार्वती चोंग, दोचामोचा करजां, बूढ़ी नागिन सरयोलसर, माता ज्वाला माता, नैना माता मणिकर्ण आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों ने माता के मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। इस अवसर पर तमाम मंदिरों को खास तौर से सजाया गया है। मंदिरों में नौ दिन तक विशेष पूजा-अर्चना होगी।
इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के सलाहकार एवं माता जगन्नाथी भुवनेश्वरी के कारदार झाबेे राम ठाकुर ने बताया कि पहले दिन से मंदिरों में श्रद्धालु की भीड़ उमड़ेगी। जिला के तमाम दुर्गा मंदिरों में चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाएंगे। ओम प्रकाश शास्त्री कहते हैं कि चैत्र नवरात्रों के आरंभ होने से ऋतु परिवर्तन की शुरूआत होती है। मान्यता यह कि प्रथम नवरात्र में माता को शैलपुत्री के रूप में सती, पार्वती, उमा तथा दुर्गा गौरी आदि से प्रसिद्ध है। पर्वतराज की पुत्री होने के कारण माता का नाम शैलपुत्री पड़ा है और इसकी आराधना से सुख-समृद्धि और मंगल फल प्राप्त होता है।
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उमड़ेगा आस्था का सैलाब
पहले नवरात्र में होगी शैलपुत्री की पूजा, मंदिरों में तैयारियां पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। चैत्र नवरात्र के पहले दिन दुर्गा मां के मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों का तांता लगेगा। घाटी के मंदिर माता जगन्नाथी भुवनेश्वरी पुईद और माता भुवनेश्वरी भेखली के मंदिरों में विशेष आरती और पूजा पाठ की जाएगी। इस मौके पर माता के विशेष कारनू भी मंदिर में मौजूद रहे।
वहीं देवी दशमी वारदा, न्योली रानी माता, वैष्णो माता, शीतला माता, देवी हिंडिबा, देवी पार्वती चोंग, दोचामोचा करजां, बूढ़ी नागिन सरयोलसर, माता ज्वाला माता, नैना माता मणिकर्ण आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं और भक्तों ने माता के मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। इस अवसर पर तमाम मंदिरों को खास तौर से सजाया गया है। मंदिरों में नौ दिन तक विशेष पूजा-अर्चना होगी।
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इस संबंध में जिला देवी-देवता कारदार संघ के सलाहकार एवं माता जगन्नाथी भुवनेश्वरी के कारदार झाबेे राम ठाकुर ने बताया कि पहले दिन से मंदिरों में श्रद्धालु की भीड़ उमड़ेगी। जिला के तमाम दुर्गा मंदिरों में चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान भी किए जाएंगे। ओम प्रकाश शास्त्री कहते हैं कि चैत्र नवरात्रों के आरंभ होने से ऋतु परिवर्तन की शुरूआत होती है। मान्यता यह कि प्रथम नवरात्र में माता को शैलपुत्री के रूप में सती, पार्वती, उमा तथा दुर्गा गौरी आदि से प्रसिद्ध है। पर्वतराज की पुत्री होने के कारण माता का नाम शैलपुत्री पड़ा है और इसकी आराधना से सुख-समृद्धि और मंगल फल प्राप्त होता है।
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