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बेसहारा पशुओं की सूचना के लिए जारी होगा हेल्पलाइन नंबर
Updated Fri, 29 Dec 2017 09:52 PM IST
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पैदल मार्ग में पड़ा कचरा खाते जानवर।
- फोटो : अमर उजाला
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कुल्लू। जिला में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भटक रहे सभी बेसहारा पशुओं को दस दिन के भीतर निकटवर्ती गो सदनों में पहुंचा दिया जाएगा। बेसहारा पशुओं की समस्या और जिले में गो सदनों के प्रबंधन को लेकर शुक्रवार को बचत भवन में डीसी युनूस की अध्यक्षता में बैठक हुई।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में चल रहे 8 गो सदनों को सुदृढ़ किया जाएगा तथा बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस समस्या के समाधान के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया है। कुल्लू जिला में भी इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे। जिला में इस समय रांगड़ी, कटराईं, डोभी, रायसन, बंदरोल, बाशिंग और कुल्लू में कुल आठ गोसदन चलाए जा रहे हैं। इनमें 1000 से अधिक पशु रखे गए हैं। उपायुक्त ने पशुपालन विभाग, पंचायतीराज विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों तथा गोसदन चलाने वाली संस्थाओं के पदाधिकारियों को उक्त गोसदनों को राज्य गोवंश संवर्द्धन बोर्ड के अधीन पंजीकृत करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं अतिशीघ्र पूरी करें तथा संबंधित संस्था या विभाग के लिए 15 दिन के भीतर जमीन चिह्नित करें। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान और गोसदनों के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला, उपमंडल व ब्लॉक स्तर पर व्यापक कदम उठाए जाएंगे तथा टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को इसकी व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिला में शीघ्र ही एक हैल्पलाइन नंबर जारी करेगा, जिस पर बेसहारा पशुओं की तुरंत सूचना दी जा सकेगी। शरदोत्सव में झांकी निकालकर लोगों को बेसहारा पशुओं की समस्या के प्रति जागरूक किया जाएगा। गोसदनों के निर्माण और बेहतर प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर गठित सोसायटी को सुदृढ़ किया जाएगा तथा पर्याप्त फंड की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में एडीसी राकेश शर्मा, सहायक आयुक्त डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम बंजार अपूर्व देवगन, एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. आरएल संदल और अन्य मौजूद रहे।
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उपायुक्त ने बताया कि जिले में चल रहे 8 गो सदनों को सुदृढ़ किया जाएगा तथा बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस समस्या के समाधान के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया है। कुल्लू जिला में भी इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे। जिला में इस समय रांगड़ी, कटराईं, डोभी, रायसन, बंदरोल, बाशिंग और कुल्लू में कुल आठ गोसदन चलाए जा रहे हैं। इनमें 1000 से अधिक पशु रखे गए हैं। उपायुक्त ने पशुपालन विभाग, पंचायतीराज विभाग और नगर निकायों के अधिकारियों तथा गोसदन चलाने वाली संस्थाओं के पदाधिकारियों को उक्त गोसदनों को राज्य गोवंश संवर्द्धन बोर्ड के अधीन पंजीकृत करवाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं अतिशीघ्र पूरी करें तथा संबंधित संस्था या विभाग के लिए 15 दिन के भीतर जमीन चिह्नित करें। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान और गोसदनों के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला, उपमंडल व ब्लॉक स्तर पर व्यापक कदम उठाए जाएंगे तथा टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को इसकी व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिला में शीघ्र ही एक हैल्पलाइन नंबर जारी करेगा, जिस पर बेसहारा पशुओं की तुरंत सूचना दी जा सकेगी। शरदोत्सव में झांकी निकालकर लोगों को बेसहारा पशुओं की समस्या के प्रति जागरूक किया जाएगा। गोसदनों के निर्माण और बेहतर प्रबंधन के लिए जिला स्तर पर गठित सोसायटी को सुदृढ़ किया जाएगा तथा पर्याप्त फंड की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में एडीसी राकेश शर्मा, सहायक आयुक्त डॉ. अमित गुलेरिया, एसडीएम बंजार अपूर्व देवगन, एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. आरएल संदल और अन्य मौजूद रहे।
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