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मणिकर्ण में बिजली महादेव व माहुंटी नाग ने किया शाही स्नान
Updated Sun, 03 Dec 2017 09:46 PM IST
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खराहल (कुल्लू)। कशावरी और खराहल फाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव ने देवता माहुंटी नाग के साथ मार्गशीर्ष माह पर रविवार को लाव लश्कर के साथ धार्मिक नगरी मणिकर्ण में शाही स्नान किया। शाही स्नान की रस्म को निभाने बलाधी के देवता थान भी पहुंचे। तीन देवताओं के शाही स्नान के सैकड़ों लोग साक्षी बने। इस मौके पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
देवता के शाही स्नान के लिए मुख्य देवलुओं को जिम्मेदारी दी गई। उसके बाद विशेष धोती और वस्त्र देवलुओं को दिए गए। इसके बाद पवित्र स्नान की रस्म शुरू हुई। सुबह आठ बजे बलाधी के थान देवता ढोल नगाड़ों की थाप पर मणिकर्ण स्थित गर्म पानी के कुंड के समीप पहुंचे। सभी देव परंपराओं का निर्वहन करने के बाद देवता ने पवित्र स्नान किया। वहीं सुबह 9 बजे के बाद देवता बिजली महादेव और माहुंटी नाग को भी इसी पवित्र कुंड के पास देवलुओं ने धोती पहनकर और नंगे पैर पहुंचाया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ देवता ने तीन परिक्रमा की। कुंड के पवित्र जल से देवता को स्नान करवाया गया, उसके बाद ही जल को अन्य देवलुओं के ऊपर भी फेंका गया। शाही स्नान के पश्चात देवताओं की पूजा अर्चना की गई।
इधर, मणिकर्ण के राम मंदिर, नैणा माता मंदिर और गुरूद्वारा स्थित गर्म पानी के कुंड में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। देवता बिजली महादेव के कारदार अमर नाथ नेगी और माहुंटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर ने कहा कि शाही स्नान के दौरान सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया गया। उन्होंने कहा कि मणिकर्ण में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। शाही स्नान के बाद अब बिजली महादेव, माहुंटी नाग, बलाधी के थान देवता अपने देवालय की ओर रवाना हो गए हैं।
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देवता के शाही स्नान के लिए मुख्य देवलुओं को जिम्मेदारी दी गई। उसके बाद विशेष धोती और वस्त्र देवलुओं को दिए गए। इसके बाद पवित्र स्नान की रस्म शुरू हुई। सुबह आठ बजे बलाधी के थान देवता ढोल नगाड़ों की थाप पर मणिकर्ण स्थित गर्म पानी के कुंड के समीप पहुंचे। सभी देव परंपराओं का निर्वहन करने के बाद देवता ने पवित्र स्नान किया। वहीं सुबह 9 बजे के बाद देवता बिजली महादेव और माहुंटी नाग को भी इसी पवित्र कुंड के पास देवलुओं ने धोती पहनकर और नंगे पैर पहुंचाया। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ देवता ने तीन परिक्रमा की। कुंड के पवित्र जल से देवता को स्नान करवाया गया, उसके बाद ही जल को अन्य देवलुओं के ऊपर भी फेंका गया। शाही स्नान के पश्चात देवताओं की पूजा अर्चना की गई।
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इधर, मणिकर्ण के राम मंदिर, नैणा माता मंदिर और गुरूद्वारा स्थित गर्म पानी के कुंड में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। देवता बिजली महादेव के कारदार अमर नाथ नेगी और माहुंटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर ने कहा कि शाही स्नान के दौरान सभी देव परंपराओं का निर्वहन किया गया। उन्होंने कहा कि मणिकर्ण में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, भक्तों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया। शाही स्नान के बाद अब बिजली महादेव, माहुंटी नाग, बलाधी के थान देवता अपने देवालय की ओर रवाना हो गए हैं।
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