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जिले में 30 सड़कें बंद, सेब के दर्जनों पेड़ क्षतिग्रस्त
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/मनाली/कोकसर। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद कुल्लू के पहाड़ों में भारी बर्फबारी हो रही है। निचले क्षेत्रों में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन से कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। सैंज के पागलनाला में बाढ़ आने से करीब दस घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा कुल्लू-मनाली, कुल्लू-लगघाटी तथा भुंतर-मणिकर्ण रोड में भी भूस्खलन होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। बारिश, बर्फबारी से जिले में 30 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। उजली बेहड़ बारिश से भूस्खलन हो गया, जिससे सेब के दर्जनों पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए।
पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटकों को मंगलवार सुबह बर्फ के फाहे देखने को मिले। रोहतांग दर्रा पर सोमवार रात से 45 सेंटीमीटर, पर्यटन स्थल मनाली की स्कीइंग ढलान सोलंगनाला में 20 और कोकसर में 25, जिला मुख्यालय केलांग में 10 और उदयपुर में छह, जलोड़ी दर्रा में 15 और दारचा में 30 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 20 और 21 फरवरी को कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी होने की संभावना जताई है। मनाली में पास वामतट में जगतसुख गांव की उजली बेहड़ में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हो गया है। इससे उजली बेहड़ के किरण ठाकुर, भीम सेन ठाकुर, मान चंद और रोशन ठाकुर के सेब के दर्जनों पेड़ भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से अब गांवों को भी खतरा हो गया है। उजली बेहड़ निवासी जोगिंद्र ठाकुर, मोहन लाल, हीरा लाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण सहमे हुए हैं। तहसीलदार मनाली शमशेर सिंह ने बताया कि इस बारे में पटवारी जगतसुख को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने जिलावासी और पर्यटकों से विशेष ऐहतियात बरतने को कहा गया है। बर्फबारी के दौरान ऊंचे क्षेत्रों और हिमखंड की आशंका वाली जगहों पर न जाएं। कहा कि मंडी-मनाली हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य भी जोरों पर है। बारिश के दौरान कुछ जगहों पर हाईवे पर चट्टानें गिरने की संभावना रहती है। लिहाजा वाहन चालक सावधान रहें और रात के समय बारिश में ऐसे स्थानों पर वाहन न चलाएं।
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कुल्लू/मनाली/कोकसर। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद कुल्लू के पहाड़ों में भारी बर्फबारी हो रही है। निचले क्षेत्रों में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन से कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ। सैंज के पागलनाला में बाढ़ आने से करीब दस घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अलावा कुल्लू-मनाली, कुल्लू-लगघाटी तथा भुंतर-मणिकर्ण रोड में भी भूस्खलन होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। बारिश, बर्फबारी से जिले में 30 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। उजली बेहड़ बारिश से भूस्खलन हो गया, जिससे सेब के दर्जनों पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए।
पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटकों को मंगलवार सुबह बर्फ के फाहे देखने को मिले। रोहतांग दर्रा पर सोमवार रात से 45 सेंटीमीटर, पर्यटन स्थल मनाली की स्कीइंग ढलान सोलंगनाला में 20 और कोकसर में 25, जिला मुख्यालय केलांग में 10 और उदयपुर में छह, जलोड़ी दर्रा में 15 और दारचा में 30 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 20 और 21 फरवरी को कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी होने की संभावना जताई है। मनाली में पास वामतट में जगतसुख गांव की उजली बेहड़ में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हो गया है। इससे उजली बेहड़ के किरण ठाकुर, भीम सेन ठाकुर, मान चंद और रोशन ठाकुर के सेब के दर्जनों पेड़ भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से अब गांवों को भी खतरा हो गया है। उजली बेहड़ निवासी जोगिंद्र ठाकुर, मोहन लाल, हीरा लाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण सहमे हुए हैं। तहसीलदार मनाली शमशेर सिंह ने बताया कि इस बारे में पटवारी जगतसुख को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने जिलावासी और पर्यटकों से विशेष ऐहतियात बरतने को कहा गया है। बर्फबारी के दौरान ऊंचे क्षेत्रों और हिमखंड की आशंका वाली जगहों पर न जाएं। कहा कि मंडी-मनाली हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य भी जोरों पर है। बारिश के दौरान कुछ जगहों पर हाईवे पर चट्टानें गिरने की संभावना रहती है। लिहाजा वाहन चालक सावधान रहें और रात के समय बारिश में ऐसे स्थानों पर वाहन न चलाएं।
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