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प्रोजेक्ट प्रभावितों की समस्याएं होंगी हल
Updated Fri, 23 Nov 2018 06:55 PM IST
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मंत्री समस्या सुनते
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी में विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। ऊर्जा और बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं मंत्री अनिल शर्मा ने यह बात कही। उन्होंने शुक्रवार को लारजी में जल विद्युत परियोजनाओं के प्रभावितों की समस्याएं सुनी।
कहा कि हिमाचल प्रदेश में 17000 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन की संभावना है। लेकिन अभी तक केवल साढे़ दस हजार मेगावाट का ही दोहन हो पाया है। ऊर्जा मंत्री ने लोगों से जल विद्युत परियोजनाओं और उद्योगों में अनावश्यक बाधा न डालने का आग्रह किया। कहा कि इनसे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलता है। अनुसूचित जनजाति बहुल 250 गांवों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। अगर इन क्षेत्रों के विधायक 40-40 हजार रुपये का योगदान देते हैं तो प्रत्येक गांव में 20-20 सौर लाइटें लगाई जाएंगे। इसी प्रकार अगर अन्य विधायक या पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि 80-80 हजार रुपये का सहयोग करेंगे तो अन्य गांवों को भी सौर लाइटें दी जाएंगी। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने ऊर्जा मंत्री का स्वागत किया तथा सैंज घाटी की जल विद्युत परियोजनाओं के प्रभावितों की समस्याओं पर चर्चा की। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने भी प्रभावितों की समस्याओं के निवारण के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसके बाद अनिल शर्मा ने एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना-द्वितीय व तृतीय चरण तथा एचपीपीसीएल की सैंज जल विद्युत परियोजना का निरीक्षण भी किया तथा इन परियोजनाओं के उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा की।
पुराने खंभे, तार-मीटर बदलने की बना रहे योजना
अनिल शर्मा ने कहा कि राज्य विद्युत उपभोक्ताओं को बिल में राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने अभी तक 500 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की है। बिजली के पुराने खंभों, घरों के लिए सर्विस तार और मीटरों को बदलने के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना तैयार की जा रही है।
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आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर दिया बल
एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना-द्वितीय व तृतीय चरण, एचपीपीसीएल की सैंज जल विद्युत परियोजना के निरीक्षण के दौरान अनिल शर्मा ने परियोजनाओं का जायजा लिया और एनएचपीसी व एचपीपीसीएल के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने तीनों परियोजनाओं में उनकी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक विद्युत उत्पादन और आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी, एडीएम अक्षय सूद, एसडीएम एमआर भारद्वाज और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी में विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं से प्रभावित लोगों की सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। ऊर्जा और बहुउद्देश्यीय परियोजनाएं मंत्री अनिल शर्मा ने यह बात कही। उन्होंने शुक्रवार को लारजी में जल विद्युत परियोजनाओं के प्रभावितों की समस्याएं सुनी।
कहा कि हिमाचल प्रदेश में 17000 मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन की संभावना है। लेकिन अभी तक केवल साढे़ दस हजार मेगावाट का ही दोहन हो पाया है। ऊर्जा मंत्री ने लोगों से जल विद्युत परियोजनाओं और उद्योगों में अनावश्यक बाधा न डालने का आग्रह किया। कहा कि इनसे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलता है। अनुसूचित जनजाति बहुल 250 गांवों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। अगर इन क्षेत्रों के विधायक 40-40 हजार रुपये का योगदान देते हैं तो प्रत्येक गांव में 20-20 सौर लाइटें लगाई जाएंगे। इसी प्रकार अगर अन्य विधायक या पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि 80-80 हजार रुपये का सहयोग करेंगे तो अन्य गांवों को भी सौर लाइटें दी जाएंगी। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने ऊर्जा मंत्री का स्वागत किया तथा सैंज घाटी की जल विद्युत परियोजनाओं के प्रभावितों की समस्याओं पर चर्चा की। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने भी प्रभावितों की समस्याओं के निवारण के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसके बाद अनिल शर्मा ने एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना-द्वितीय व तृतीय चरण तथा एचपीपीसीएल की सैंज जल विद्युत परियोजना का निरीक्षण भी किया तथा इन परियोजनाओं के उच्च अधिकारियों के साथ चर्चा की।
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पुराने खंभे, तार-मीटर बदलने की बना रहे योजना
अनिल शर्मा ने कहा कि राज्य विद्युत उपभोक्ताओं को बिल में राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने अभी तक 500 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की है। बिजली के पुराने खंभों, घरों के लिए सर्विस तार और मीटरों को बदलने के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना तैयार की जा रही है।
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आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर दिया बल
एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना-द्वितीय व तृतीय चरण, एचपीपीसीएल की सैंज जल विद्युत परियोजना के निरीक्षण के दौरान अनिल शर्मा ने परियोजनाओं का जायजा लिया और एनएचपीसी व एचपीपीसीएल के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने तीनों परियोजनाओं में उनकी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक विद्युत उत्पादन और आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी, एडीएम अक्षय सूद, एसडीएम एमआर भारद्वाज और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।