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जन्म-मृत्यु के पंजीकरण में न हो कोई विलंब: डा. जैन
Updated Wed, 13 Jun 2018 10:00 PM IST
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जन्म-मृत्यु के पंजीकरण
में न हो कोई भी विलंब
जनगणना निदेशक ने की पंजीकरण कार्यों की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ के क्षेत्रीय जनगणना निदेशक एवं संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ अभिषेक जैन ने बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल परिसर कुल्लू में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिकारियों के साथ बैठक करके पंजीकरण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की।
हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ जैन ने कहा कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण में कोई विलंब नहीं किया जाना चाहिए। 21 दिन के भीतर जन्म या मृत्यु का पंजीकरण करवाया जाना चाहिए। इस अवधि में पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। 21 से 30 दिन तक 2 रुपये, एक माह से एक साल तक 5 रुपये और इसके बाद 10 रुपये शुल्क के साथ जन्म व मृत्यु का पंजीकरण करवाया जा सकता है। पंजीकरण के लिए इससे अधिक शुल्क की वसूली नहीं की जा सकती है। अतिरिक्त वसूली करने वाले पंजीकरण अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
डा जैन ने कहा कि कुल्लू जिला में कुल 204 ग्राम पंचायतों और 4 नगर निकाय क्षेत्रों सहित कुल 216 पंजीकरण अधिकारी हैं। जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मुख्य पंजीकरण अधिकारी की शक्तियां दी गई हैं। अब जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सभी आंकड़ों को ऑन लाइन किया जा रहा है। कुल्लू जिला में वर्ष 2015 के बाद आंकड़ों को ऑन लाइन कर दिया गया है लेकिन इससे पहले आंकड़ों का कंप्यूटरीकरण अभी किया जाना है। अस्पतालों में जन्म-मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित सूचना के बोर्ड प्रदर्शित किए जाने चाहिए।
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इस अवसर पर सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र ने बताया कि कुल्लू जिला में इस वर्ष अभी तक 2510 बच्चों के जन्म और 1238 लोगों की मृत्यु का पंजीकरण किया जा चुका है। प्रदेश के जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक आशीष चौहान ने अधिकारियों को पंजीकरण से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानलकारी दी। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, डॉ पलजोर और अन्य मौजूद रहे।
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में न हो कोई भी विलंब
जनगणना निदेशक ने की पंजीकरण कार्यों की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ के क्षेत्रीय जनगणना निदेशक एवं संयुक्त रजिस्ट्रार डॉ अभिषेक जैन ने बुधवार को क्षेत्रीय अस्पताल परिसर कुल्लू में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिकारियों के साथ बैठक करके पंजीकरण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की।
हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ जैन ने कहा कि जन्म और मृत्यु का पंजीकरण में कोई विलंब नहीं किया जाना चाहिए। 21 दिन के भीतर जन्म या मृत्यु का पंजीकरण करवाया जाना चाहिए। इस अवधि में पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। 21 से 30 दिन तक 2 रुपये, एक माह से एक साल तक 5 रुपये और इसके बाद 10 रुपये शुल्क के साथ जन्म व मृत्यु का पंजीकरण करवाया जा सकता है। पंजीकरण के लिए इससे अधिक शुल्क की वसूली नहीं की जा सकती है। अतिरिक्त वसूली करने वाले पंजीकरण अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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डा जैन ने कहा कि कुल्लू जिला में कुल 204 ग्राम पंचायतों और 4 नगर निकाय क्षेत्रों सहित कुल 216 पंजीकरण अधिकारी हैं। जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मुख्य पंजीकरण अधिकारी की शक्तियां दी गई हैं। अब जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सभी आंकड़ों को ऑन लाइन किया जा रहा है। कुल्लू जिला में वर्ष 2015 के बाद आंकड़ों को ऑन लाइन कर दिया गया है लेकिन इससे पहले आंकड़ों का कंप्यूटरीकरण अभी किया जाना है। अस्पतालों में जन्म-मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित सूचना के बोर्ड प्रदर्शित किए जाने चाहिए।
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इस अवसर पर सीएमओ डॉ. सुशील चंद्र ने बताया कि कुल्लू जिला में इस वर्ष अभी तक 2510 बच्चों के जन्म और 1238 लोगों की मृत्यु का पंजीकरण किया जा चुका है। प्रदेश के जनगणना निदेशालय के सहायक निदेशक आशीष चौहान ने अधिकारियों को पंजीकरण से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानलकारी दी। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच, डॉ पलजोर और अन्य मौजूद रहे।