फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   डॉक्टर मॉक ड्रिल में रहे व्यस्त, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बंद रहीं ओपीडी

डॉक्टर मॉक ड्रिल में रहे व्यस्त, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बंद रहीं ओपीडी

Thu, 08 Feb 2018 09:32 PM IST
Updated Thu, 08 Feb 2018 09:32 PM IST
विज्ञापन
डॉक्टर मॉक ड्रिल में रहे व्यस्त, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बंद रहीं ओपीडी
डॉक्टर मॉक ड्रिल में रहे व्यस्त, बंद रहीं ओपीडी
विज्ञापन

सिर्फ शिशु रोग ओपीडी में बच्चों का हुआ उपचार, परेशान रहे मरीज
घंटों इंतजार करते रहे सैकड़ों मरीज, निजी अस्पताल को किया रुख
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में आयोजित मेगा मॉक ड्रिल में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात डॉक्टर व्यस्त रहे। वहीं दोपहर तक शिशु रोग ओपीडी को छोड़कर अन्य सभी ओपीडी बंद रही। मरीजों ने घंटों डॉक्टरों का इंतजार किया। बाद में मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। मेगा मॉक ड्रिल में डॉक्टरों की ड्यूटी से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों का दिक्कतें पेश आईं। हालांकि दोपहर बाद मरीजों का उपचार किया गया।
चार जिलों के मरीजों की सुविधा के लिए बने 300 बेड वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में एक बार फिर चिकित्सकों की कमी सामने आई है। ढालपुर मैदान में हुई जिला स्तरीय मेगा मॉकड्रिल में अस्पताल के सात चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। जिसमें विशेषज्ञों डाक्टरों के साथ कई एमबीबीएस चिकित्सक शामिल थे। अस्पताल में हड्डी रोग के अलावा गायनी, महिला ओपीडी, जनरल ओपीडी तथा शल्य चिकित्सा की ओपीडी बंद रही। इसमें हड्डी, महिला ओपीडी व जनरल ओपीडी दोपहर बाद ही चार से पांच घंटे बाद खुली। उपचार के लिए सुबह ही अस्पताल पहुंचे कई मरीजों को निजी अस्पतालों में जाकर महंगा इलाज करना पड़ा है। कई ओपीडी के बंद होने से मरीजों को हफ्तेभर से उपचार नहीं मिल रहा है। इलाज के लिए आई संतोष कुमारी, उमा ठाकुर, चिंतामणि, रूकमणि, खिला देवी, जय सिंह, कृष्ण चंद, होशियार सिंह तथा देव राज का कहना है कि वह सुबह से ही ओपीडी के बाहर डाक्टर का इंतजार करते रहे लेकिन घंटों तक इंतजार करने के बाद डॉक्टर नहीं आए और उन्हें दोपहर बाद ही अपना उपचार करना पड़ा है।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि कुल्लू अस्पताल में आधा दर्जन विशेषज्ञों के साथ 14 डाक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ केएस मल्होत्रा ने कहा कि मॉक ड्रिल के चलते अस्पताल की कुछ ओपीडी प्रभावित रही लेकिन दोपहर बाद सामान्य रूप से मरीजों का उपचार होता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं हुए मरीजों के ऑपरेशन
क्षेत्रीय अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी चल रही है। गायनी विशेषज्ञ सात महीनों से नहीं है। वहीं अब शल्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्जन के अवकाश पर होने से एक फरवरी से 15 फरवरी तक अस्पताल में शल्य मरीजों के ऑपरेशन लटक गए हैं। वीरवार को भी शल्य ऑपरेशन होने थे, लेकिन नहीं हो सके। मरीजों को मंडी के लिए रेफर किया जा रहा है। अस्पताल में हफ्ते में दो दिनों तक ऑपरेशन किए जाते हैं। एक दिन में छह से 10 मरीजों के ऑपरेशन होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed