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Kangra News: विश्वबैंक ने पूछा, कब शुरू होगा 24 घंटे पेयजल योजना का काम
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Shimla news world bank Shimla city
- फोटो : amar ujala
...काम शुरू न होने से बैंक नहीं दे रहा पैसा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा देने के लिए बनने वाली सतलुज पेयजल योजना पर विश्व बैंक ने कंपनी से रिपोर्ट ली है। शिमला पहुंची विश्व बैंक की टीम ने मंगलवार को भी पेयजल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की है।
इस दौरान विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने कंपनी से पूछा कि आखिर कब इस योजना के दूसरे चरण का काम शुरू होगा। अभी तक इसका काम क्यों लटका है। करीब छह महीने पहले भी कंपनी ने काम शुरू करने का दावा किया था। लेकिन बाद में इसका टेंडर रद्द हो गया। इस बार फिर कंपनी ने दावा किया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी के अनुसार 22 फरवरी को इस काम का टेंडर खुलना है। कंपनी ने जानकारी दी कि पहले चरण का काम जोरों से चल रहा है। शकरोड़ी से शिमला के लिए पाइपलाइन बिछाने के लिए पाइप आ चुके हैं। पंपिंग स्टेशन का काम जोरों पर है। दो बड़े टैंक भी तैयार हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम में शहर में पेयजल लाइनें बिछनी हैं और टैंक बनने हैं।। इसकी लागत करीब 450 करोड़ है। पिछले तीन साल से इसका टेंडर ही अवार्ड नहीं हो रहा। पिछली बार जिस ठेकेदार को काम देने की तैयारी थी, वह इसकी एवज में करीब 692 करोड़ मांग रहा था। बाद में इस टेंडर को रद्द करना पड़ा।
काम सुस्त, विश्वबैंक भी नहीं दे रहा पैसा
शिमला को 24 घंटे पानी देने की इस योजना पर साल 2018 से काम चल रहा है। एक जनवरी 2020 को पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने रिज मैदान पर इस योजना की आधारशिला रखी थी। साल 2022 के अंत तक सतलुज का पानी शिमला लाने का दावा था। लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में टेंडर तक अवार्ड नहीं हो पाए। अब भी काम बेहद सुस्त है। विश्वबैंक काम की प्रोग्रेस के अनुसार पैसा देगा। बैंक ने साल 2018 में कंपनी को 280 करोड़ रुपये जारी किए थे। उसके बाद से अब पैसा नहीं मिला है।
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बैंक हमारे काम से खुश: एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम पीपी शर्मा का कहना है कि विश्व बैंक के साथ इस योजना को लेकर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। कंपनी ने अपने कामों की रिपोर्ट सौंपी है। बैंक हमारे काम से खुश है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा देने के लिए बनने वाली सतलुज पेयजल योजना पर विश्व बैंक ने कंपनी से रिपोर्ट ली है। शिमला पहुंची विश्व बैंक की टीम ने मंगलवार को भी पेयजल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की है।
इस दौरान विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने कंपनी से पूछा कि आखिर कब इस योजना के दूसरे चरण का काम शुरू होगा। अभी तक इसका काम क्यों लटका है। करीब छह महीने पहले भी कंपनी ने काम शुरू करने का दावा किया था। लेकिन बाद में इसका टेंडर रद्द हो गया। इस बार फिर कंपनी ने दावा किया कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी के अनुसार 22 फरवरी को इस काम का टेंडर खुलना है। कंपनी ने जानकारी दी कि पहले चरण का काम जोरों से चल रहा है। शकरोड़ी से शिमला के लिए पाइपलाइन बिछाने के लिए पाइप आ चुके हैं। पंपिंग स्टेशन का काम जोरों पर है। दो बड़े टैंक भी तैयार हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम में शहर में पेयजल लाइनें बिछनी हैं और टैंक बनने हैं।। इसकी लागत करीब 450 करोड़ है। पिछले तीन साल से इसका टेंडर ही अवार्ड नहीं हो रहा। पिछली बार जिस ठेकेदार को काम देने की तैयारी थी, वह इसकी एवज में करीब 692 करोड़ मांग रहा था। बाद में इस टेंडर को रद्द करना पड़ा।
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काम सुस्त, विश्वबैंक भी नहीं दे रहा पैसा
शिमला को 24 घंटे पानी देने की इस योजना पर साल 2018 से काम चल रहा है। एक जनवरी 2020 को पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने रिज मैदान पर इस योजना की आधारशिला रखी थी। साल 2022 के अंत तक सतलुज का पानी शिमला लाने का दावा था। लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में टेंडर तक अवार्ड नहीं हो पाए। अब भी काम बेहद सुस्त है। विश्वबैंक काम की प्रोग्रेस के अनुसार पैसा देगा। बैंक ने साल 2018 में कंपनी को 280 करोड़ रुपये जारी किए थे। उसके बाद से अब पैसा नहीं मिला है।
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बैंक हमारे काम से खुश: एजीएम
पेयजल कंपनी के एजीएम पीपी शर्मा का कहना है कि विश्व बैंक के साथ इस योजना को लेकर विस्तृत चर्चा हो चुकी है। कंपनी ने अपने कामों की रिपोर्ट सौंपी है। बैंक हमारे काम से खुश है।