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Kangra News: स्वयंसेवकों को दिया सर्पदंश से बचाव का प्रशिक्षण
Wed, 28 Oct 2026 05:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 28 Oct 2026 05:28 AM IST
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नूरपुर अस्पताल में पांच साल में आए 222 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर के सामुदायिक भवन में आईसीएमआर की सर्पा परियोजना के तहत स्वयंसेवकों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीडीओ अशोक कुमार ने की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामसभाओं में सर्पदंश के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों ने खेतों में काम करते समय गमबूट पहनने, लंबी घास में चलते समय डंडे का इस्तेमाल करने, पशुशालाओं में पर्याप्त रोशनी रखने और घरों के आसपास सफाई बनाए रखने की सलाह दी। सर्पदंश की आशंका होने पर पीड़ित को शांत रखने, उसकी गतिविधियां सीमित करने और तुरंत अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि घाव को काटने, प्रभावित अंग को कसकर बांधने, जहर चूसने और घरेलू उपचार या झाड़-फूंक करने से बचना चाहिए। सिविल अस्पताल नूरपुर में वर्ष 2021 से 2025 तक सर्पदंश के 222 मामले दर्ज किए गए।
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परियोजना के तहत जनवरी 2026 से अब तक 33 पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है। कार्यक्रम में कामाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर के सामुदायिक भवन में आईसीएमआर की सर्पा परियोजना के तहत स्वयंसेवकों को सर्पदंश से बचाव और प्राथमिक प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीडीओ अशोक कुमार ने की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामसभाओं में सर्पदंश के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों ने खेतों में काम करते समय गमबूट पहनने, लंबी घास में चलते समय डंडे का इस्तेमाल करने, पशुशालाओं में पर्याप्त रोशनी रखने और घरों के आसपास सफाई बनाए रखने की सलाह दी। सर्पदंश की आशंका होने पर पीड़ित को शांत रखने, उसकी गतिविधियां सीमित करने और तुरंत अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया।
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प्रशिक्षण में बताया गया कि घाव को काटने, प्रभावित अंग को कसकर बांधने, जहर चूसने और घरेलू उपचार या झाड़-फूंक करने से बचना चाहिए। सिविल अस्पताल नूरपुर में वर्ष 2021 से 2025 तक सर्पदंश के 222 मामले दर्ज किए गए।
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परियोजना के तहत जनवरी 2026 से अब तक 33 पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जा चुका है। कार्यक्रम में कामाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक किया।