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Kangra News: ग्रामीणों ने धार्मिक संस्था के खिलाफ खोला मोर्चा
Thu, 15 May 2025 09:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 15 May 2025 09:25 AM IST
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पामलपुर में एसडीएम नेत्रा मेती को ज्ञापन देते संघर्ष समिति के लोगस्त्रोत समिति। स्रोत: समिति
पालमपुर (कांगड़ा)। उपमंडल पालमपुर की सुलह विधानसभा क्षेत्र के कई पंचायतों के लोग एक धार्मिक संस्था की ओर से जमीन खरीदकर किए जा रहे विस्तार कार्यों को लेकर भड़क उठे हैं। इन लोगों का कहना है कि संस्था की ओर से कार्यों से हमारे क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इसे देख पंचायत घनेटा, धोरन, बल्ला, परौर, और दरंग के लोगों ने बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद दरंग और धोरन घनेटा किसान संघर्ष समिति के सचिव रिटायर प्रीतम सिंह राणा और अन्य लोगों ने पत्रकार वार्ता कर संस्था पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से क्षेत्र की सिंचाई कूहल को रोक दिया है।
ताल खड्ड़ में मलबा फेंककर उसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे सिंचाई के लिए मुश्किल हो रही और ताल खड्ड का मुख खेतों की तरफ मुड़ गया है। पहाड़ी को तहस-नहस कर हरे-भरे पेड़ों को उखाड़ दिया है। सरकारी रास्ते और प्राकृतिक जल स्रोत बंद हो गए हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर उपायुक्त को भी ज्ञापन दिया था है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री, मुख्यमंत्री, वन मंत्री, डीएफओ, मुख्य वन अरण्यपाल, एनजीटी और एसजीटी को इसके बारे में ज्ञापन भेजे हैं।
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उधर, एसडीएम पालमपुर ने आश्वासन दिया है कि आगामी तीन दिन में मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। वहीं, लोगों ने साफ चेताया कि 15 दिन के अंदर समस्या का हल नहीं हुआ तो धरना और प्रर्दशन शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर पंचायत प्रधान घनेटा सीमा देवी, उपप्रधान रणवीर खरवाल, बीडीसी सदस्य पवन कपूर, प्रधान सुखदेव मसनद, बल्ला बालकृष्ण और अन्य लोग मौजूद रहे।
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इसे देख पंचायत घनेटा, धोरन, बल्ला, परौर, और दरंग के लोगों ने बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद दरंग और धोरन घनेटा किसान संघर्ष समिति के सचिव रिटायर प्रीतम सिंह राणा और अन्य लोगों ने पत्रकार वार्ता कर संस्था पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से क्षेत्र की सिंचाई कूहल को रोक दिया है।
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ताल खड्ड़ में मलबा फेंककर उसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे सिंचाई के लिए मुश्किल हो रही और ताल खड्ड का मुख खेतों की तरफ मुड़ गया है। पहाड़ी को तहस-नहस कर हरे-भरे पेड़ों को उखाड़ दिया है। सरकारी रास्ते और प्राकृतिक जल स्रोत बंद हो गए हैं। इन सभी समस्याओं को लेकर उपायुक्त को भी ज्ञापन दिया था है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, प्रधानमंत्री, पर्यावरण मंत्री, मुख्यमंत्री, वन मंत्री, डीएफओ, मुख्य वन अरण्यपाल, एनजीटी और एसजीटी को इसके बारे में ज्ञापन भेजे हैं।
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उधर, एसडीएम पालमपुर ने आश्वासन दिया है कि आगामी तीन दिन में मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। वहीं, लोगों ने साफ चेताया कि 15 दिन के अंदर समस्या का हल नहीं हुआ तो धरना और प्रर्दशन शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर पंचायत प्रधान घनेटा सीमा देवी, उपप्रधान रणवीर खरवाल, बीडीसी सदस्य पवन कपूर, प्रधान सुखदेव मसनद, बल्ला बालकृष्ण और अन्य लोग मौजूद रहे।